सुविचार 3157
”जब ‘मैं, मुझे और मेरा’ को अहमियत दी जाती है, तब घनिष्टता कहीं खो जाती है
और संबंधों में दरार आने लगती है.
और संबंधों में दरार आने लगती है.
अपनो के अपनत्व का, तब दिखता है साँच ।।
_ मुलाक़ात चाहे जब हो..अपनेपन का अहसास तो रोज महसूस होता रहे..!!
तो शायद वो आपसे अंजान हैं.