सुविचार 3133

बहुत मुश्किल है उस शख्स को गिराना, _

_ चलना जिसे ठोकरों ने सिखाया है ..

सुविचार 3132

रे मन विपदा के समय कोउ न झांकै द्वार,

ज्यों ही विपदा चल बसी सहयोगी तैयार…

‘पहले अपनी व्यवस्था करो,

_बाद में दूसरों को सहयोग की सोचो’

सुविचार 3129

इंसान सब कुछ जानता है कि उसके लिए क्या सही, क्या गलत है लेकिन उसके पास कुंजी की कमी है अर्थात लोग बातों को पढ़ते हैं और भूल जाते हैं.

यदि आप १ या २ बातों को आधार बना कर जीवन जीना शुरू करें तो आपको सफलता मिलनी शुरू हो जाएगी.

सुविचार 3128

सिर्फ 1 विचार लीजिए और उस पर अमल कीजिए _फिर देखिए आपके जीवन में कितनी जल्दी बदलाव आने शुरू होते हैं.

_अभी आपका मस्तिष्क बहुत सारे विचारों में उलझा हुआ है, _जब आपका मस्तिष्क एक विचार पर पक्का हो जाएगा _तब वो अपनी पूरी एनेर्जी के साथ काम करना शुरू कर देगा.

भटकना बंद कीजिए और जीवन को सही तरीक़े से जीना शुरू किजिए.

*मकड़ी भी नहीं फँसती अपने बनाये जालों में !*

*जितना मनुष्य उलझा है अपने बुने ख्यालों में !!*

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