सुविचार 3121

प्रेम में अपेछा के लिये कोई जगह नहीं होती सिर्फ़ कृतज्ञता के लिये होती है.

इसलिए प्रेम मानवीय श्रेष्ठता की पराकाष्ठा है.

सुविचार 3119

आप जो भी काम करें ह्रदय से उसकी स्वीकृति ज़रूर ले लें,

भला ह्रदय के संकेतों की उपेछा कौन कर सकता है.

सुविचार 3118

याद रखना जिस दिन आप, अपनी खराब परिस्थिति को खुद ठीक करने की ज़िम्मेदारी खुद ले लोगे, उस दिन से ये दुनिया आपके पीछे चलना शुरु कर देगी,

क्योंकि दुनिया उसी को अपना आइडल बनाती है जो अपने खराब से खराब हालातों के बावजूद जीत कर दिखाता है.

सुविचार 3117

जब आप गिरेंगे, तभी तो ऊपर उठेंगे. फिर गिरेंगे, तो फिर उठेंगे.

बस मन से मत हारिएगा. जीत निश्चित तौर पर आपकी ही होगी.

सुविचार 3116

नेक इंसान बनने के लिए वैसे ही कोशिश करो, जैसे खूबसूरत दिखने के लिए करते हो !

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