सुविचार 3121
प्रेम में अपेछा के लिये कोई जगह नहीं होती सिर्फ़ कृतज्ञता के लिये होती है.
इसलिए प्रेम मानवीय श्रेष्ठता की पराकाष्ठा है.
इसलिए प्रेम मानवीय श्रेष्ठता की पराकाष्ठा है.
भला ह्रदय के संकेतों की उपेछा कौन कर सकता है.
क्योंकि दुनिया उसी को अपना आइडल बनाती है जो अपने खराब से खराब हालातों के बावजूद जीत कर दिखाता है.
बस मन से मत हारिएगा. जीत निश्चित तौर पर आपकी ही होगी.