सुविचार 3141

मैं’ से भागने की कोशिश मत करना _ उससे भागना हो ही नहीं सकता ;

_ क्योंकि बाद में भी वह साथ ही है.!!

सुविचार 3140

जीवन को संयमित बनाने के लिए हमें अपने बाहरी और अंदरूनी दोनों तौर तरीकों पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

सुविचार 3139

अकेले हम बूँद हैं, मिल जाएं तो सागर हैं ;

अकेले हम धागा हैं, मिल जाएं तो चादर हैं ;

अकेले हम कागज हैं, मिल जाएं तो किताब हैं;

” जीवन का आनन्द मिलजुल कर रहने में ही है ”

सुविचार 3138

परेशानी आये तो ईमानदार रहें, धन आये तो सरल रहें, अधिकार मिलने पर विनम्र रहें, क्रोध आने पर शांत रहें,

यही जीवन का प्रबंधन कहलाता है.

सुविचार 3137

भले ही कोई फूल चट्टानों की दरारों के बीच छिपा हो, मधुमक्खी ढूंढ ही लेती है कि वह कहाँ खिला है ;

हम अपने दिलों को ऐसे फूलों की तरह कैसे बना सकते हैं ?

तितली नहीं मधुमक्खी बन कर रहना,

_ जिसके पास पंख भी हों और डंक भी हों.
Live like a bee, not a butterfly; you have wings and sting.

सुविचार 3136

अंधेरा वहां नहीं है, जहां तन गरीब है !

अंधेरा वहां है, जहां मन गरीब है …!!

error: Content is protected