सुविचार 2648

यह सृष्टि बाहर से त्रुटियों से भरी दिखाई देती है, पर भीतर से सम्पूर्ण है.

सम्पूर्णता छिपकर रहती है, अपूर्णता प्रदर्शन करती है

– इसी तरह ज्ञानी सतह पर नहीं रहते, गहराई में जाते हैं.

सुविचार 2647

कई बार थोड़े से आलस और टाल- मटोल के चक्कर में जरुरी काम भी पेंडिंग हो जाते हैं. आलस त्यागें, जब जो काम करने की ठानें, उसे उसी वक्त कर डालें. प्लानिंग के चक्कर में कई बार जिंदगी आगे निकल जाती है.

सुविचार 2645

रोज सुबह जल्दी जागने की आदत डालें. मॉर्निंग वाक पर जाएं. ताजी हवा, हल्की धूप और शांत वातावरण मन- मस्तिष्क को सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है और आप काम में ज्यादा मन लगा पाते हैं.

सुविचार 2644

जीवन में शोर है तो अपने कोलाहल से मौन की यात्रा शुरू करो

If there is unrest in life, then embark on a journey from clamor to inner peace.

सुविचार 2643

अपने मस्तिष्क में चुने हुए विचार लाओ, ज़िन्दगी फूलों की तरह महकने लगेगी.

When you welcome only selected thoughts into your mind,

your life shall start smelling like flowers.

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