सुविचार 2648
यह सृष्टि बाहर से त्रुटियों से भरी दिखाई देती है, पर भीतर से सम्पूर्ण है.
सम्पूर्णता छिपकर रहती है, अपूर्णता प्रदर्शन करती है
– इसी तरह ज्ञानी सतह पर नहीं रहते, गहराई में जाते हैं.
सम्पूर्णता छिपकर रहती है, अपूर्णता प्रदर्शन करती है
– इसी तरह ज्ञानी सतह पर नहीं रहते, गहराई में जाते हैं.
If there is unrest in life, then embark on a journey from clamor to inner peace.
When you welcome only selected thoughts into your mind,
your life shall start smelling like flowers.