सुविचार 1092

यदि आप खुशियाँ बटोरने मेँ लगे हो, आप को दुःख मिलता है, यदि आप खुशियाँ बाँटने मेँ लगे हो, आप को प्रेम और आनन्द मिलता है.

सुविचार 1091

बिना तथ्य को जाने, बिना तथ्य को समझे, बिना सच्चाई को जाने, सुनी- सुनाई बात, अथवा मन के अनुमान जोड़ कर किसी के विषय में अहितकारी बात सोचना – यह है निन्दा.

सुविचार 1090

जिंदगी के हर रंग का मजा लेने के लिए जरुरी है कि हम न सिर्फ शारीरिक तौर पर खुश रहें बल्कि मानसिक तौर पर भी चुस्तदुरुस्त रहें.

सुविचार 1089

जैसे सूर्योदय के होते ही अंधकार दूर हो जाता है वैसे ही मन की प्रसन्नता से सारी बाधाएं शांत हो जाती हैं.

सुविचार 1088

बाज़ार कि दिखावटी चमक में जिन्दगी कि असलियत पीछे छूटती जा रही है. यह जो छूट रहा है, उसे भी तो किसी न किसी को देखना होगा.
error: Content is protected