सुविचार 1146 | May 10, 2016 | सुविचार “क्या जीवन कभी – कभी अनुचित नहीं लगता ? जो अच्छा करते हैं वे अच्छा कर रहे हैं, लेकिन जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है उन्हें अनुमति नहीं है “
सुविचार 1145 | May 9, 2016 | सुविचार अपनी गलती को स्वीकारना झाड़ू लगाने के सामान हैं, जो धरातल को चमकदार और साफ कर देती हैं.
सुविचार 1144 | May 8, 2016 | सुविचार जो दूसरों को जीतता है वह मजबूत है और जो स्वयं को जीतता है वह शक्तिमान है.
सुविचार 1143 | May 7, 2016 | सुविचार माचिस की तीली के सिर होता है पर दिमाग नहीं, इसलिए वह थोड़े से घर्षण से जल उठती है. हमारे पास सिर भी है और दिमाग भी, फिर भी हम छोटी- सी बात पर उत्तेजित क्यों हो जाते हैं ?
सुविचार 1142 | May 6, 2016 | सुविचार गलती कोई भी कर सकता है, परंतु मूर्ख के अतिरिक्त कोई उस को जारी नहीं रखेगा.
सुविचार 1141 | May 5, 2016 | सुविचार इंसान को नमक की तरह होना चाहिए….जो खाने में रहता है मगर दिखाई नहीं देता; और अगर ना हो तो उनकी बहुत कमी महसूस होती है.