सुविचार 305

अगर आप चाहते हैं कि लोग आपको पसंद करें, तो आपको भी औरों को पसंद करना होगा, उनका सम्मान करना होगा. ऐसा करना कठिन भी नहीं है. अगर आप खोजेंगे, तो हर एक इनसान में कुछ- न- कुछ ऐसा मिल जाएगा, जो स्वीकार करने योग्य होगा. आप उसके उन्हीं गुणों को पसंद करें और उन्हीं के आधार पर उसे सम्मान दें. आप देखेंगे कि उनमे भी आपके इस व्यवहार के कारण बड़ा बदलाव आया है और उन्होंने अपनी कई कमियों को केवल इसलिए दूर कर लिया है कि आप उनका सम्मान करते हैं. फिर वे आपको और भी पसंद करने लगेंगे और पहले से ज्यादा सम्मान देने लगेंगे. अपने व्यक्तित्व को निखारने के लिए आपको दूसरों को पसंद करने और उनका आदर करने की अपनी आदत को विकसित करनी होगी.

सुविचार 304

 आप अपने अंदर एक पवित्र इंसान पैदा कर सकें, आप शान्ति के साथ जी सकें, प्रेम के साथ जी सकें, अपने अंदर एक सतोगुण को आप जन्म दे सकें तो वह बहुत बड़ी बात है.

सुविचार – “हर गिरना मुझे ऊँचाई के और करीब ले जाता है” – 303

“हर गिरना मुझे ऊँचाई के और करीब ले जाता है”

_ ऊँचाई तक पहुँचने का सफर सीधा नहीं होता ; हर गिरना भी उसी यात्रा का हिस्सा है, जो हमें और मज़बूत और सच्चा बनाता है”
_ वहां तक पहुँचने के लिए मुझे कई बार गिरना होगा, टूटना होगा, और फिर सँभलना होगा.
_ “हर गिरना ही मुझे उस ऊँचाई के करीब ले जाएगा”

सुविचार 302

 तकदीरे बदल जाती है.. जब जिंदगी जीने का कोई मकसद हो…वर्ना जिंदगी कट जाती हे… “तक़दीर” को इल्जाम देते देते…

सुविचार 301

इंसान को बोलना सीखने में दो साल लग जाते हैं..

_ लेकिन, कहां क्या बोलना है, यह सीखने में पूरी ज़िन्दगी निकल जाती है.

साथ उसी का दो जिसे तुम्हारी ज़रूरत हो, ना कि उसका जो तुम्हें नज़रअंदाज़ करता हो.

_ मुश्किल वक्त में मदद का ढोंग करने वाले हमेशा आपकी गिरावट पर खुश होते है.. उन्हें समझना जरूरी है.
_भले ही बाज़ी हार जाएं.. पर दूसरों की पीठ में छुरा घोंप कर जीतने का हुनर हमें नहीं आता.
_ घर में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन अपनों की अहमियत को मत भूलो क्योंकि बाहर की दुनिया में तुम्हें संभालने वाला कोई नहीं होगा.
_ स्वास्थ्य सबसे बड़ा सहारा है.. इसके बिना इंसान अपने रिश्तों के लिए भी भार बन जाता है.
_ अब चीज़ें पहले जैसी साफ़ नहीं दिखतीं.. पर लोग पहले से कहीं ज़्यादा साफ़ नज़र आने लगे हैं.
_ बुढ़ापा तो बस हड्डियाँ कमजोर करता है, औलाद का बेरुखा रवैया तो दिल तक को चूर-चूर कर देता है.
_ माँ-बाप सब सह लेते हैं, लेकिन जब उनकी अपनी औलाद उन्हें बोझ समझने लगे, तब उनकी आंखें नहीं.. रूह भी भीग जाती है.
_ किसी का हक छीनकर मिली खुशी कभी टिकती नहीं, वक्त सबका हिसाब चुपचाप लेता है.
_ जब सब कुछ खत्म होता दिखे, तब याद रखना कि हर रात के बाद सवेरा जरूर आता है.
_ जो रिश्ते दुख की घड़ी में साथ ना दें, उनका साथ सुख की घड़ी में भी केवल एक दिखावा होता है.
_ पैसा बड़ी से बड़ी सुविधा दे सकता है, पर जीवन नहीं लौटा सकता.
_ मन अशांत हो तो इंसान को सबसे ज़्यादा अकेलापन अपने घर में ही महसूस होता है.
_ घर केवल चार दिवारी का नाम नहीं, वहां रहने वाले और उसे बनाने वाले दोनों अगर ग़लत हों, तो वो दीवारें भी बोझ बन जाती हैं.
_ जब जरूरत खत्म हो जाती है, तब बहुत से लोग उसी सहारे को भुला देते हैं जिसने सबसे मुश्किल वक्त में उनका साथ निभाया था.
_ हम चाहे जितने भी मॉडर्न हो जाएं.. लेकिन खाना हमें तब ही मिलेगा जब कोई किसान खेत में मेहनत करेगा.
_ जब आप किसी गलत व्यक्ति को इज्जत देते हैं.. तो वह उसे आदर नहीं, अधिकार समझ लेता है.
_ आप किसके साथ हो, ये बहुत मायने रखता है.. सुनार की दुकान का कचरा भी बादाम से महंगा बिकता है.
_ उधार केवल धन का नहीं होता, भरोसे का भी होता है और जब वो लौटता नहीं, तो सिर्फ़ जेब नहीं.. रिश्ते भी खाली हो जाते हैं.
_ ईमानदारी का असली मूल्य तब समझ आता है.. जब इंसान के पास धोखा देने का अवसर हो, फिर भी वो सही राह चुनता है.
_ खुश रहो मगर ‘स्टेटस’ मत डालो.. वरना किसी की नजर लगने में टाइम नहीं लगता.
_ अगर भगवान ने आपसे वो ले लिया है, जिसे आप कभी खोना नहीं चाहते थे तो वो कुछ ऐसा भी देंगे, जिसकी आपने कभी उम्मीद नहीं की होगी.
_ गलतियां इंसान से होती हैं.. पर गलतफहमियां, तब होती हैं जब हम आंखें मूंद कर, अपने कानों पर विश्वास कर लेते हैं.
__ गुजरा वक्त वापस नहीं आता और पैसे से तो बिल्कुल भी नहीं.
_ हर जानकारी सबको नहीं दी जाती क्योंकि हर कोई उसे समझने या संभालने के लायक नहीं होता.
_ सच कभी-कभी चुभता है, लेकिन झूठ वो ज़हर है जो धीरे-धीरे रिश्तों को मार देता है.
_ फर्जी लोगों की भीड़ से बेहतर है अकेले चलना क्योंकि वहां कम से कम सच्ची खुशी तो मिलेगी.
_ भीड़ में अच्छाई ढूंढोगे ? अरे भाई! अच्छे लोग तो भीड़ में टिक ही नहीं पाते.
_ जिस काम से तुम्हारे घर पर चूल्हा जलता है, उस पर शर्म कैसी ? मेहनत की कमाई हमेशा सबसे प्यारी होती है.
_ दौलत के आंकड़े बढ़ाने से ज्यादा ज़रूरी है, अपने कर्मों की किताब को साफ रखना.
_ समय खराब हो तो चिल्लाने से क्या होगा ? बेहतर है दिल को समझा लो, वरना तमाशा खुद का ही बनेगा.
_ 100 अच्छे कामों को भुला देती है एक गलती और यही सबसे बड़ी नाइंसाफी है.
_ दूसरों का सहारा बनने वाले लोग मजबूत होते हैं, शायद इसलिए खुद के दर्द में भी वो अकेले मुस्कुरा लेते हैं.
_ तुम्हारे बोले हुए शब्द लौटकर नहीं आते, इसलिए उन्हें परोसने से पहले ज़रूर चख लेना चाहिए.
_ गलती सुधारी जा सकती है, पर ग़लतफ़हमी अगर बन गई तो बहुत कुछ बिगाड़ सकती है.

सुविचार 300

चिरस्थायी और सच्चे फल पाने हों तो हमें पहले निडर बनना होगा.

– आज कल लोगों को थोड़ा अपना क्या बना लो,, लोग आपको हल्के में लेने लग जाते हैं..
– लिखना और सोचना वह गुण है जो कि _ संसार के बहुत कम लोगों में पाया जाता है..
– जो इंसान खुद को खुद से मोटिवेट करना जानता हो, _ समझो वो इंसान _ अपने जीवन में कुछ भी कर सकता है.
– ज़िंदगी गुज़ारने का यह ढंग ज़्यादातर लोग अपनाया करते हैं, पहले ज़िंदगी को खुद ही उलझाते हैं,
_ फिर खुद की ही पीठ थपथपाते हैं, _ सुलझाते हुए..
— मेरे पास कोई उपाय नहीं है; मुझे लोगों को_ _वैसे ही स्वीकार करना पड़ेगा _” जैसे वे हैं “
उन लोगों के लिए जो मेरे जीवन को सुंदर बनाते हैं, मेरी मुस्कान के पीछे के वो लोग, मैं आप लोगों को शुभकामनाएं देता हूं और मैं आप लोगों को ढेर सारा प्यार भेजता हूं.
To the people who make my life beautiful, the people behind my smile, I wish you all the best and I send you lots of love.
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