सुविचार – ताक-झांक – तांक-झांक – दखलअंदाजी – 293

कुछ लोग औरों की जिंदगी पर नजर रखते हैं और दखलअंदाजी करते रहते हैं.

_ दूसरों की जिंदगी में तांक-झांक करने से अच्छा है, खुद की जिंदगी पर ध्यान दें.!!

सुविचार 291

वाणी ही मनुष्य का ऐसा आभूषण है, जो अन्य आभूषणों की तरह कभी घिसता नहीं.

 

सुविचार – मेकअप – Makeup – 290

मुझे कुण्टल भर मेकअप पसंद नहीं है.

_ जो इंसान की प्राकृतिक सुन्दरता और मेहनत से कमाया धन..
_ दोनो क्षणिक खूबसूरती के लिए छीन लेता है,
_ घर पर हल्का सा मेकअप भी महिला को खूबसूरत बना सकता है.!

सुविचार 288

ज़िन्दगी जीने का नाम है वो भी ख़ुशी से, लेकिन हमें खुद अपने लिए ग़लत और सही का निर्णय करना होगा. 
error: Content is protected