सुविचार 4749
यदि अपना परिचय खुद देना पड़े तो समझ लेना की अभी सफलता दूर है !
यही आदमी की फ़ितरत है, बस खिलौने बदल जाते हैं “
एक सीमा से ज्यादा खींचे जाने पर उसका टूटना तय है..
लेकिन सत्य को जीने वाले सत्य को जीते भी हैं, जानते भी हैं।
सत्य को जानो मत, जियो।
हमारी अज्ञानता ही हमारे दुःख का कारण है.