सुविचार 198

जब हमारा समय सही चलता है तब हमारी ग़लतियों को भी मजाक समझा जाता है, लेकिन जब हमारा समय खराब चलता है तब हमारे मजाक को भी गलती माना जाता है. इसलिए कोशिश करें कि खराब समय आने ही ना पाए और हम अपनी ग़लतियों का भी मजा ले पाएँ.

 

 

सुविचार 197

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बदकिस्मती में खुशनुमा बदलाव के अवसर छिपे होते हैं. अगर आपके हिस्से में अत्यधिक परेशानियाँ आयी हैं, तो शायद यह इस का घोतक है कि आपको किसी महान कार्य के लिए तैयार किया जा रहा है.

सुविचार “ज़िंदगी के 4 कड़वे सच” -196

“ज़िंदगी के 4 कड़वे सच”

(1). आप कभी किसी को, संतुष्ट नहीं कर पाओगे.
(2). आपकी जिम्मेदारी, कभी खत्म नहीं होगी.
(3). दूसरों के लिए कितना भी जी लो, कोई आपकी कद्र नहीं करेगा.
(4). आप चाह के भी किसी की ज़िंदगी नहीं बदल सकते.. क्योंकि उसे उसके कर्मों का फल मिल रहा है.
_ इसलिए चिंता छोड़ो ..अपने लिए थोड़ा जी लो.!!

सुविचार – इन प्रश्नों पर बराबर विचार करते रहना चाहिए – 195

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इन प्रश्नों पर बराबर विचार करते रहना चाहिए ——- >

*  समय कैसा चल रह है ?

*  कौन मेरा हितैषी है ?

*  मेरी आमदनी क्या है और खर्च क्या है ?

* ऋतु कौन- सी है और इसमें कैसा आहार- विहार होना चाहिए ?

* मेरा सामर्थ्य क्या है और मैं कर क्या रहा हूँ, मेरे कार्यों का परिणाम क्या होगा ?

* आज मैंने कितना समय नष्ट किया और कितने समय का सही उपयोग किया ?

* आज मैंने कितनी गलतियाँ की ?

* कितने काम बुरे व अच्छे किए ?

सुविचार – धूर्त, शरारती, शातिर, कपटी, धोखेबाज़, छल, छली, मक्कार – 193

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धूर्त व्यक्ति कई बार अपनी धूर्तता छिपाने के लिए लिबास और अल्फाजों का सहारा लेता है,

_ कोई आपको खूबसूरत/अतरंगे लिबास में दिखे या भारी-भरकम अल्फाजों के साथ मिले तो एक बार उस पर शक जरूर कीजियेगा.!!
धोखेबाज पहले लालच का जाल फैलाता है और फिर बात-बात पर कसम खाता है.!!
“छल और चालाकियाँ जीवन को रोचक बना सकती हैं, पर अर्थपूर्ण नहीं”
मासूमियत में हुई ‘भूल’ माफ हो जाती है,
_ पर साज़िश से किया गया ‘छल’ दिल पर गहरे घाव देता है.!!
अयोग्य और अकुशल लोगों के साथ रहना बेहतर है,
_ लेकिन धूर्त और बेहद मक्कार लोगों के साथ एक पल भी नहीं बिताना चाहिए.!!
जीवन मे छल करने वालों को कभी माफ नही करना चाहिए.

_ वो रोये, गिड़गिड़ाए, धमकाएं या लालच दें.
_ उन्हें बिल्कुल माफ नही करना चाहिए.
_ अगर, मगर, लेकिन, किन्तु, परन्तु से कोई मतलब नही.
_ मानवता सिर्फ श्रेष्ठ मानवों के लिए होती है, दो कौड़ी के लोगो के लिए नही.!!
अगर किसी ने आपके साथ छल किया, विश्वास तोड़ा, आपको गिराने की कोशिश की, आपका नुकसान किया, तो उसे माफ कर दीजिए.
_ लेकिन यह मत भूलिए कि उसने क्या किया था.
_ क्योंकि भूल जाने वाले लोग बार-बार धोखा खाते हैं.
_ आग से हाथ एक बार जल जाए तो हम आग से नफरत नहीं करते, लेकिन अगली बार सावधानी जरूर बरतते हैं.
_ उसी तरह जिसने आपको गिराया था, उससे नफरत मत रखिए,
_ लेकिन उसे फिर से अपने जीवन की चाबी मत दीजिए.
_ याद रखिएगा, अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता.
_ जीवन की सबसे महंगी फीस अनुभव ही तो है.
_ अगर आपने वह फीस दे दी है तो कम से कम उससे सीखा तो होना चाहिए.
– Sanjay Sinha
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