सुविचार 107

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मनुष्य के सभी कार्य इन सातों में से किसी एक या अधिक वजहों से होते हैं…..

… मौका, प्रकृति, मज़बूरी, आदत, कारण, जूनून व इच्छा.

सुविचार 106

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वृछ कभी इस बात पर व्यथित नहीं होता कि उसने कितने पुष्प खो दिए,

वह सदैव नए फूलों के सृजन में व्यस्त रहता है.

जीवन में कितना कुछ खो गया, इस पीड़ा को भूल कर,

क्या नया कर सकते हैं, इसी में जीवन की सार्थकता है….

 

सुविचार – जॉब [ Joining Others business ], नौकरी, Job, कार्यभार, कोई काम जिसके लिये तनख्वाह मिलती हो. – 105

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घर कहीं, जॉब कहीं, अपने कहीं, सपने कहीं !!
“जॉब, पैसा, घर – सब काम के हैं,
_ पर जीवन तब व्यवस्थित होता है.. जब अंदर शांति हो, और बाहर जरुरत भर साधन हो”
इसे नसीब ही तो कहेंगे, बिना पढ़े-लिखे लोग लाखों में खेलते हैं और पढ़े-लिखे जॉब की तलाश में संघर्ष करते हैं.!!
जॉब करने वालों के घर कहीं, अपने कहीं और सपने कहीं..

_ बस इंसान इसी में उलझने सुलझने में अपनी ज़िन्दगी गुजार देता है..!!

अधिकांश लोगों को वह माहौल पसंद नहीं आता _जिसमें वे काम करते हैं,

_फिर भी वे अपने परिवार के बारे में सोचकर जॉब नहीं छोड़ पाते.!!

“ज़िंदगी बसर करने के लिए कोई जॉब या कोई काम मायने नहीं रखता,

_ जब तक कि वो मन का न हो … उसमें संतुष्टि भाव न हो या उससे खुशी न मिले !;”

जिंदगी एक ही मिली है.. हमें विस्तार क्यों नहीं करना चाहिए..?

_ मेरा एक ही फंडा है,
_ अगर जीवन जीना है तो पसंद का काम करो.. जो आपको खुशी देता है,
_ और अगर गुजारनी है तो.. अनेकों काम हैं दुनियां में..!!
_ “तो जियो ना एक ही जिंदगी है”
बहुत से काम ऐसे हैं जो हमारी रुचि के नहीं होते, फिर भी हम करते हैं.

_ करते हैं क्या, करने पड़ते हैं.
_ कई बार नौकरी अपने मन की नहीं मिलती, योग्यता किसी अलग विषय में हासिल की होती है,
_ रोज़ी-रोटी कमाने के लिए काम कुछ और करना पड़ता है.
_कई बार साथ जीने के लिए अच्छे लोग नहीं मिलते, फिर भी उन्हें निभाना पड़ता है.
_ कई बार लगता है, यह ज़िन्दगी जीने के लायक नहीं, तब भी हमें जीना पड़ता है.
_ जीवन के इस मंत्र को अपना लो कि जो अरुचिकर है, जिसे बदला न जा सके,
_ या तो उसे स्वीकार कर लो या छोड़ दो..!!
अजीब कश्मकश है ” कोई नौ से पांच की जॉब के लिए परेशान है,

_ तो कोई नौ से पांच की जॉब से परेशान है !!

*बढ़िया पैकेज की जॉब के अलावा भी जीवन में बहुत कुछ है, जिसे किया जा सकता है और करते हुए शान से जिया जा सकता है*
जब काम करना ही है तो उसमें बेचारगी का रोना क्यों ?…. क्यों ना खुशी-खुशी किया जाए..

_ खुशी से काम करने से काम के साथ-साथ खुद के साथ भी न्याय होता है.!!

सुविचार 104

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अपनी जुबान से कभी इतने कड़वे शब्द मत बोलो, कि कभी वापस लेने पड़े तो खुद का ही जायका ख़राब हो जाए.
जीभ सुधर गई तो जीवन सुधरने में देर नहीं लगती है.

सुविचार – “सब कुछ ठीक है” – 103

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“सब कुछ ठीक है” अक्सर एक झूठा आश्वासन या अधूरा वाक्य बन गया है।

🌿 “सब कुछ ठीक है” — एक अधूरी भावना क्यों ?
_ क्योंकि: > ज़्यादातर लोग जब कहते हैं: “सब कुछ ठीक है”, तो असल में वे कहना चाहते हैं:
“सब कुछ जैसा चल रहा है, वैसा ही रहने दो… क्योंकि उससे ज़्यादा समझाने की ताक़त अभी मुझमें नहीं है”
_ या फिर: > “सब ठीक है… पर अंदर कुछ अटका हुआ है —
जिसे या तो कह नहीं पा रहा, या कोई समझेगा नहीं”
🔍 तो असली सवाल:
कैसे पता चले कि “सब कुछ सच में ठीक है” ?
क्या कोई चेकलिस्ट [Cheklist] हो सकती है?
✅ एक सच्ची ‘मन की शांति’ की चेकलिस्ट (Reflection Checklist)
यहाँ एक सूक्ष्म inward checklist है —जिससे आप रोज़ खुद से पूछ सकते हैं:
“क्या सच में सब कुछ ठीक है ?”
# प्रश्न हाँ/ना
1 क्या आज मेरा मन किसी से शिकायत के बिना सो पाया ? ✅ / ❌
2 क्या आज मैंने जो कहा, वही सोचा और महसूस भी किया ? ✅ / ❌
3 क्या आज का दिन बीते कल से थोड़ा हल्का लगा ? ✅ / ❌
4 क्या मैंने आज किसी चीज़ को पकड़े बिना जाने दिया ? ✅ / ❌
5 क्या मैं अकेला रहकर भी बेचैन नहीं था ? ✅ / ❌
6 क्या आज मुझे अपने ही साथ बैठकर अच्छा लगा ? ✅ / ❌
7 क्या मेरे अंदर कोई ऐसी बात नहीं जो लगातार सिर पर घूम रही हो ? ✅ / ❌
8 क्या आज किसी और की खुशी देख कर जलन-ईर्ष्या नहीं हुई ? ✅ / ❌
9 क्या मैंने आज बिना कारण मुस्कराया ? ✅ / ❌
10 क्या आज मुझे “कुछ पाना” नहीं, बस “होना” अच्छा लगा ? ✅ / ❌
🌼 अगर इनमें से 5 से अधिक सवालों का उत्तर ‘हाँ’ है…तो आप सच में कह सकते हैं:
> “शायद आज सब कुछ सच में ठीक है — बाहर नहीं, पर अंदर ज़रूर”
✍️ > “जब कोई परंतु न बचे, और मन चुपचाप मुस्कराए —
_ वहीं से शुरू होता है, ‘सब कुछ सच में ठीक है'”

सुविचार – आत्म ज्ञान – आत्मबोध – Self knowledge – Self realisation – 102

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आत्म ज्ञान का मतलब सब जान लेना नहीं, बल्कि खुद के भ्र्म को ख़त्म कर देना है.
मैं क्या जानता हूँ, उससे ज्यादा जरुरी है..

_ मैं खुद को कितना साफ देख पा रहा हूँ.!!

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