सुविचार 613
अपनी ऊर्जा को मानसिक शान्ति के साथ, खुद के विकास पर खर्च किया जाना चाहिए.
नेकी तेरी कहीं तुला पर तुले ना तुले,
मांग ले अपनी गलतियो की माफी खुद से,
क्या पता आँख कल ये खुले ना खुले ?
सोचू तो बिखर जाऊँ ना सोचू तो किधर जाऊँ…..
…क्योंकि मै जिस माहौल में रहता हूँ उसे दुनिया कहते हैं.
_ अगर आपकी अपनी ही जड़ें मजबूत नहीं हैं तो आप इस भ्रान्ति में मत रहना कि आप किसी को सुगन्ध देने में कभी भी समर्थ हो सकते हो.
परन्तु इस बात को सुनिश्चित करें कि अन्त में फैसला आपका ही होना चाहिए.