सुविचार 501

नरिअलवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मेड़राय

उजे खवरी जनइबो आदित्य से
सुगा दिहन जुठियाय
उजे मरवो रे सुग्गा धनुस से, ओह पर सुगा मेड़राय
उजे खवरी जनइबो आदित्य से,
सुगा दिहन जुठियाय
उजे मरवो रे सुग्गा धनुस से, सुगा जइहें मुरझाय
अमरुधवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मेड़राय
केलवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मेड़राय
उजे खबरी जनयवो आदित से
मरबो रे सुगा धनुष से, सुगा जइहें मुरझाय
नरिअलवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मेड़राय.

मस्त विचार 485

प्रत्येक मनुष्य एक अधूरा इंद्रधनुष है…

जो जीवनभर… अपने खोए हुए रंगों को खोजता रहता है..

सुविचार 500

जिंदगी हल्की महसूस होगी, अगर दूसरों से कम उम्मीद और खुद पर ज्यादा भरोसा हो तो..!!

सुविचार 497

आप कहाँ से कहाँ पहुँच गए, यह तो याद रख लेना. लेकिन जहाँ से चले थे, उसे जरुर याद रखना, आपकी जो प्रारम्भ में असलियत थी. इसका परिणाम यह होगा कि आपका यश और आपकी उन्नति के लिए जो अहंकार मुँह खोले खड़ा है, वह आगे नहीं आएगा.

मस्त विचार 484

कुछ हम थे तबीयत के सादे, कुछ लोग बेगाने लुट गऐ..

कुछ अपनो ने बदनाम किया, कुछ बन अफसाने झूठ गऐ..

कुछ अपनी शिकस्ता नाव थी, कुछ हमसे किनारे छुट गऐ..!

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