सुविचार 552
थोड़े में समझना चाहिए और देर तक सुनना चाहिए.
बड़े नसीबों से ऐसा कोई शख़्स मिलता है……..
ना कुछ रोकर सीखता है
जब भी कुछ अलग सीखता है तो,
या तो किसी का होकर सीखता है…
या फिर किसी को खोकर सीखता है…
मेरी रगो में जहर जुदाई का उतरता देखो….
किस – किस अदा से तुझे माँगा है,
आओ कभी सजदो में मुझे सिसकता देखो….