सुविचार 615

संसार बहुत विचित्र है, कोई एक- दूसरे को देख कर खुश नहीं होने वाला, इसलिए दूसरे के सामने अपने दुःख की कहानियाँ न सुनाना. आप खुद शक्तिशाली बन जाएँ, तो दुनिया प्यार करती है, नहीं तो उखाड़ कर फ़ेंक देती है. अन्दर से प्रबल शक्ति वाला व्यक्ति हर परिस्थिति का सामना कर सकता है.

मस्त विचार 565

प्यार की कमी को पहचानता हूँ मैं,

दुनिया के गमों को भी जानता हूँ मैं,

तेरे जैसे यार का सहारा है,

तभी तो हंस कर जीना जानता हूँ मैं..

मस्त विचार 564

दूसरे क्या कर रहे हैं, क्या नहीं कर रहे हैं, कैसे कर रहे हैं और क्यों कर रहे हैं. यह देखना आपका नहीं उनका काम है.

सुविचार 614

समस्याओं को कुछ देर दिमाग में रखेंगे, तो ठीक है. लेकिन जैसे- जैसे दिमाग में रखने का समय बढ़ता जाएगा, पीड़ा भी बढ़ती जाएगी.
समस्याओं को हमेशा अपने बगल में रखें, ताकि वे आपको नुकसान न पहुँचाए और आपको याद भी रहे कि आपको इसका हल ढूँढ़ना है.

मस्त विचार 562

क्या फर्क पड़ता है, हमारे पास कितने लाख, कितने करोड़, कितने घर, कितनी गाड़ियां हैं, खाना तो बस दो ही रोटी है। जीना तो बस एक ही ज़िन्दगी है.

फर्क इस बात से पड़ता है, कितने पल हमने ख़ुशी से बिताये, कितने लोग हमारी वजह से खुशी से जीए …!!

मस्त विचार 561

समय के साथ साथ बहुत कुछ बदल जाता हैं….

लोग भी रास्ते भी…..अहसास भी और कभी कभी हम खुद भी…..

सुविचार 613

अपनी ऊर्जा को मानसिक शान्ति के साथ, खुद के विकास पर खर्च किया जाना चाहिए.
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