मस्त विचार 566
कोई खो के मिल गया _ तो कोई मिल के खो गया,
ज़िंदगी हम को _ बस ऐसे ही आज़माती रही..!!
ज़िंदगी हम को _ बस ऐसे ही आज़माती रही..!!
दुनिया के गमों को भी जानता हूँ मैं,
तेरे जैसे यार का सहारा है,
तभी तो हंस कर जीना जानता हूँ मैं..
थक गया हूँ हंसी की आड़ में गम छुपाते छुपाते.
फर्क इस बात से पड़ता है, कितने पल हमने ख़ुशी से बिताये, कितने लोग हमारी वजह से खुशी से जीए …!!
लोग भी रास्ते भी…..अहसास भी और कभी कभी हम खुद भी…..
रात हो या उम्र इक दिन कट ही जायेगी.