मस्त विचार 460
पैसे से कभी सुख खरीदा नहीं जाता _
_ और दुख का कोई खरीदार नहीं होता !!
_ और दुख का कोई खरीदार नहीं होता !!
लेकिन उन्हें पता ही नहीं होता कि
वे क्या बदल सकते हैं —
—मैंने अपने जीवन को बदला है.
_ क्योंकि वक़्त नहीं लगता, लोगों को अब, किसी के दर्द का मज़ाक बनाने में ..
_ दर्द सिर्फ़ अपने होते हैं, दिल में रखने पड़ते हैं ..