मस्त विचार 441
ऐ हवा, उस से कहना हम खुश हैं.
बस, उस की यादें सताती हैं.
उस की दूरी का कोई गम नहीं हम को.
बस, जरा सी पलकें भींग जाती हैं.
ऐ हवा, उस से कहना हम खुश हैं.
बस, उस की यादें सताती हैं.
उस की दूरी का कोई गम नहीं हम को.
बस, जरा सी पलकें भींग जाती हैं.
ऐ हवा, उस से कहना हम खुश हैं.
वह खुद को कई विपत्तियों से बचाता है.
जो व्यक्ति अपनी जबान को वश में रखता है,
तुझे देख कर कुछ और देखु,अब मेरे पास वो नजर नही.
ना आंसू बहाने को जी चाहता हैं,
लिखूँ तो क्या लिखूँ तेरी याद में
बस तेरे पास लौट आने को जी चाहता हैं.
देना उसे जो अलग हो सब से,
रब ने मिला दिया मुझे तुम से,
और कहा ” लो संभालो यह अनमोल है सब से “.
और खराब इंसान का कोई मजहब नहीं होता.