मस्त विचार 306
न दोस्तों से शिकायत, न दुश्मनों से गिला….
किसी ने मुझको भुलाया, किसी ने याद किया…..
किसी ने मुझको भुलाया, किसी ने याद किया…..
उन रिश्तों को थामे रखना, जिनके बिना गुजारा नहीं.
क्या है वाकिफ भी तू उसकी हकीकत से.
वरना..
पत्थर तो अपना फर्ज निभा दिया ही करते हैँ…
हर शख्श कह रहा है कि ज़माना खराब है……
अगर यह भी हम सोचेंगे तो लोग क्या सोचेंगे ?
के जिस के भी लबों पे आए, मुस्कुराहट के साथ आए.