सुविचार- आपकी ज़िन्दगी सॅवारने के लिए आपको खुद लगना होगा.- 352

आपकी ज़िन्दगी सॅवारने के लिए आपको खुद लगना होगा.
गमले में उगे हुए लोग..और बातें करते हैं बरगद की.!!

“किसी के गमले को देखकर उसके बरगद बनने की संभावना को कम मत आँकिए.
_ हर बरगद कभी एक छोटे से पात्र में ही शुरू हुआ था”
तुम्हारी खामोशियों में एक शोर है. _ मैं तुम्हें सुनता हूं और सुनकर खामोश हो जाता हूं.

_ पर अफसोस कि आसपास उन खामोशियों को सुनने वाला कोई नहीं होता.

_ हमारे आसपास की चीजें तेजी से मर और खत्म हो रही हैं.
_ हवाओं में एक चीख है, जो किसी को सुनाई नहीं देती.
_ उदासी कह रही है कि कोई छूए और हमारा मौन टूटने का नाम ही नहीं ले रहा है.
_ हमें समझना होगा कि यह कोई दर्शन नहीं जीवन है.
_ हमें अपने आसपास, पास पड़ोस, अपनी और दूसरों की छोटी- बड़ी जरूरतों को जाहिर करना और ख्याल रखना चाहिए.
_ हमें समझना आना चाहिए कि हम इंसानों को सिर्फ दर्शन नहीं जीवन की आश्यकता है ; अपनेपन, प्रेम और स्पर्श की जरूरत है.
…और इतने भर से ही इन्सान जी उठता है ; पर इतना भी हर किसी के हिस्से में नहीं..
_ इसी छोटी सी हंसती खिलखिलाती दुनिया में एक बहुत बड़ी दुनिया उदास है,
पर उन उदासियों तक पहुंचने वाला कोई नहीं है.
_ इसी हंसती खिलखिलाती दुनिया में एक बहुत बड़ी दुनिया बेचैन है,
पर उनकी बेचैनियों तक हमारे हाथ नहीं पहुंच पा रहे हैं.
_ कुछ छूट रहा है, कुछ अलग हो रहा है, कुछ था जो अब नहीं है..
_ पर इसका मतलब यह नहीं कि हर कोई बेचैनियों का दामन थाम ले और उदसियों का हाथ पकड़ अपने ही घर के किसी अंधेरे कोने को तलाश बैठ जाए.
_ तुम्हें पता है ? जब आसपास कुछ भी नहीं होता तो बहुत कुछ होता है.
_ एक खिड़की, एक झरोखा, एक दरवाजा..!!
_ मुझे चाहे कितना भी दुख क्यों हो, _ मैं हमेशा खिड़की, दरवाजे या फिर खुली हुई जगह पर बैठता हूं.
_ तुम्हें पता है ? हवाओं में एक स्पर्श होता है, अपनी पसंद की जगहों में भी एक सम्मोहन और अपनापन होता है.
_ और यह छोटा सा प्रयास मेरे चेहरे पर मुस्कराहट लाता है.
_ देखा जाए तो मुस्कराहट इस दुनिया की सबसे बड़ी इनायत है.
_ ब्रह्माण्ड की सारी खूबसूरत चीजें आपको हंसते हुए मिलेंगी..
_ जैसे की फूल, जैसे की तितलियां, जैसे की परिंदे, जैसे की मछलियां..
_ जैसे की यह धरती, आकाश, पहाड़ और नदियां..
_ सच कहूं तो पूरी की पूरी जिन्दगी पहाड़ की तरह है..
.. अगला मोड़ आपको किधर और कहां लेकर जाएगा _किसी को भी नहीं पता..
_बावजूद इसके पहाड़ जिन्दगी की तरह खूबसूरत हैं, इनमें बड़े से बड़े दुख को सह लेने की शक्ति और सकून है.
_ अच्छा होगा कि अगर खिड़कियों, रौशनदानों और दरवाजों से सांस लेने जितनी पर्याप्त हवा नहीं आ पा रही हो तो घर में घुटने की बजाय पहाड़ चुनिए..
_ यह पहाड़ हमें खुदको भूल जाने और जीने का हजारों अवसर देते हैं..
_ संसाधन कम है, पर जिन्दगी ज्यादा..
_ जिन्दगी उन भौतिक चीजों से हरगिज नहीं बनती _ जिन्हें हम सुख और समृद्धि का कारण समझते हैं..
_ मन के हारे हार है, मन के जीते जीत..
_ खुश रहने के सबसे बड़े कारण फूल हैं, तुम एक छोटा सा गमला लो, उसमें मिट्टी डालो, बीज रोपो और उसके खिलने का इंतजार करो..
_ देखना उसके खिलने तक तुम्हारी सारी उदासियां, सारी बेचैनिया खत्म हो जाएंगी..
_ मन बहुत ही मासूम है, हृदय बहुत ही कोमल..
_ एक उम्मीद ही तो पालनी है ?
_ देखना तुम एक दिन फिर से एक नए जीवन में प्रवेश करोगे,
_ देखना एक बार फिर से तुम जी उठोगे और खिलखिलाकर हंसोगे..!!

सुविचार 351

उलझने वहीँ पैदा होती हैं, जहाँ हम अपना जीवन जीते- जीते दूसरे का भी जीवन जीने लगते हैं और उम्मीद करने लगते हैं कि वह आँख मूंद कर हमारी हर बात माने.

Quotes by मार्था मेरिडोस

*नोबेल पुरस्कार विजेता ब्राजीली कवियत्री

मार्था मेरिडोस की कविता

“You Start Dying Slowly” का हिन्दी अनुवाद..*

1) *आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप:*

– करते नहीं कोई यात्रा,

– पढ़ते नहीं कोई किताब,

– सुनते नहीं जीवन की ध्वनियाँ,

– करते नहीं किसी की तारीफ़।

2) *आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, जब आप:*

– मार डालते हैं अपना स्वाभिमान,

– नहीं करने देते मदद अपनी और न ही करते हैं मदद दूसरों की।

3) *आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप:*

– बन जाते हैं गुलाम अपनी आदतों के,

– चलते हैं रोज़ उन्हीं रोज़ वाले रास्तों पे,

– नहीं बदलते हैं अपना दैनिक नियम व्यवहार,

– नहीं पहनते हैं अलग-अलग रंग, या

– आप नहीं बात करते उनसे जो हैं अजनबी अनजान।

4) *आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप:*

– नहीं महसूस करना चाहते आवेगों को, और उनसे जुड़ी अशांत भावनाओं को,

वे जिनसे नम होती हों आपकी आँखें, और करती हों तेज़ आपकी धड़कनों को।

5) *आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप:*

– नहीं बदल सकते हों अपनी ज़िन्दगी को, जब हों आप असंतुष्ट अपने काम और परिणाम से,

– अग़र आप अनिश्चित के लिए नहीं छोड़ सकते हों निश्चित को,

– अगर आप नहीं करते हों पीछा किसी स्वप्न का,

– अगर आप नहीं देते हों इजाज़त खुद को, अपने जीवन में कम से कम एक बार,

किसी समझदार सलाह से दूर भाग जाने की..।

*तब आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं..!!*

*इसी कविता के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ। *

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सुविचार – हमेशा मुक्त रहो..- 350

अपनी ज़िन्दगी को किसी उत्तम नियम के हवाले कर दीजिए, तब वह एक फूल की तरह खिलेगी.

_ स्वयं का स्वयं पर शासन कीजिये, फिर उसमे नई- नई शाखाएं, नये पत्ते, नई खुशियों के रूप में फूटेंगे.

हमेशा मुक्त रहो..🌹

_ मैंने अपने पूरे जीवन में बहुत सी चीजों को खोते हुए देखा है.
_ मैंने शायद किसी और से ज़्यादा दोस्त बनाए हैं.
_ लेकिन कोई आज दोस्त है, और कल नहीं.
_ वे चौराहे पर एक अलग रास्ता पाते हैं और अपने रास्ते चले जाते हैं.
_ मैंने हमेशा यही माना है कि हम सब यात्री हैं – कोई नहीं जानता कि कोई कब तक आपके साथ रहेगा.
_ जब तक कोई आपके साथ है, उसे जितना हो सके उतना प्यार दो.
_ जितना हो सके उतना साझा करो.
_ शायद कल आपको उस व्यक्ति को अलविदा कहना पड़े.
_ मैंने अपना पूरा जीवन एक जगह से दूसरी जगह भटकते हुए बिताया है, क्योंकि कुछ न कुछ असफल रहा है, लेकिन मैं असफल नहीं हुआ.
_ हज़ारों सपने टूट सकते हैं – इससे मैं असफल नहीं हो जाता.
_ इसके विपरीत, हर टूटता हुआ सपना मुझे और भी विजयी बनाता है,
_ क्योंकि यह मुझे परेशान नहीं करता ; यह मुझे छूता भी नहीं.
_ इसका टूटना एक लाभ है, सीखने और परिपक्व होने का एक अवसर है.
_ तब आपके भीतर का सर्वश्रेष्ठ उभर कर आएगा और जो कुछ भी हो जाए, कोई फर्क नहीं पड़ेगा – आपका सर्वश्रेष्ठ लगातार ऊंचाइयों की ओर बढ़ता रहेगा.
– लेकिन समय, जीवन या अस्तित्व के विरुद्ध कभी भी सफलता पाने की कोशिश मत करो.
_ हमेशा सहजता बनाए रखो.. तब कभी हार नहीं होती, कभी असफलता नहीं मिलती.
_ और छिपाने के लिए कुछ नहीं बचता- क्योंकि किसी भी चीज़ से लगाव नहीं रहता, किसी भी चीज़ को स्थायी बनाने की इच्छा नहीं रहती – न रिश्ता, न दोस्ती, न गतिविधि, कुछ भी नहीं.
_ जब तक ऐसी चीज़ें होती रहें.. जिनका आप आनंद लेते हैं, उनके लिए खुद को खुला रखो.
_ उन पलों के रस को अपने भीतर समाहित होने दो और जब वे पल बीत जाएं, तो कृतज्ञ रहो, कभी शिकायत मत करो.
_ अगर सपने टूटते ही आपके मन में कृतज्ञता का भाव आता है, तो आपके भीतर ही सबसे अच्छा विकास होने वाला है.
_ मैंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
– OSHO –
-Light on the path
🌹Always Remain in a Let-Go..🌹
My whole life,
I have seen many things disappear.
I have made more friends than perhaps anybody else has ever made.
But someone is a friend today, and tomorrow it is finished.
They find a different path at a crossroads and go their own way.
I have always taken it for granted that we are only travelers—
one never knows how long someone is going to be with you.
While someone is with you, give as much love as you can.
Share as much as you can.
Tomorrow, perhaps, you will have to say goodbye to that person.
My whole life,
I have been going from one place to another because something has failed.
But I have not failed.
Thousands of dreams can fail—that does not make me a failure.
On the contrary, each disappearing dream makes me more victorious because it does not disturb me; it does not even touch me.
Its disappearance is an advantage, an opportunity to learn and to become mature. Then the best will come out of you.
And whatever happens will make no difference—your best will continue to grow toward higher peaks.
But never try to succeed against time,
against life, or against existence.
Always remain in a let-go.
Then one is never defeated, never in a state of failure.
And there is nothing to hide because there is no clinging to anything, no desire to make anything permanent—
no relationship, no friendship, no activity, nothing.
As long as things happen that you enjoy,
open yourself to them.
Allow the juice of those moments to fill your being.
And when those moments are gone,
remain grateful, never complaining.
If disappearing dreams leave you with gratitude, then the best is going to grow within you.
I have never looked back.
🌹Osho
Light on the Path

सुविचार – ऐसी कौन-सी बात है, जो खुद पर लागू करना सबसे मुश्किल लगता है ? – 349

ऐसी कौन-सी बात है,

जो इंसान दूसरों को आसानी से कह देता है,
लेकिन खुद पर लागू करना सबसे मुश्किल लगता है ?
_ बहुत-सी बातें हैं, शायद इसलिए कि दूसरों की ज़िंदगी बाहर से दिखती है और अपनी ज़िंदगी भीतर से महसूस होती है.
कुछ उदाहरण :
– “जो हो गया, उसे छोड़ दो”
दूसरों को कहना आसान, अपनी चोट छोड़ना कठिन.
– “लोग क्या सोचेंगे, इसकी चिंता मत करो.”
लेकिन खुद आलोचना सुनते ही मन बेचैन हो जाता है.
– “अपेक्षाएँ कम रखो”
पर अपने प्रिय लोगों से अपेक्षा अपने आप पैदा हो जाती है.
– “स्वयं को स्वीकार करो”
लेकिन अपनी कमियों के साथ सहज होना सबसे कठिन कामों में से एक है.
– “वर्तमान में जियो”
और फिर खुद अतीत के पछतावों और भविष्य की चिंताओं में उलझे रहना.
– “माफ़ कर दो”
सलाह देना आसान, दिल से क्षमा करना कठिन.
– “लोग जैसे हैं, उन्हें वैसे ही स्वीकार कर लो”
यह बात समझ में आ जाती है, दूसरों को भी कही जा सकती है,
लेकिन जब चोट किसी अपने से मिले, तब इसे अपने ऊपर लागू करना बहुत मुश्किल हो जाता है.
– शायद जीवन की एक विडंबना यही है :
जिस सलाह की हमें सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है, वही सलाह खुद पर लागू करना सबसे कठिन होता है.!!

Quotes by सेमुअल स्माइल्स

जीवन एक ऐसी अनूठी पुस्तक है, जो अंत तक मनुष्य का साथ देती है, परन्तु इस के कठिन पृष्ठों को समझने के लिए बुद्धि की आवश्यकता है.
शिछा का सब से बड़ा उद्देश्य आत्मनिर्भर बनाना है.
चरित्र संपत्ति है और यह संपत्ति में सब से उत्तम है. 

सुविचार 348

कामयाब व्यक्ति कि सिर्फ चमक लोगों को दिखायी देती है . उसने कितने अँधेरे देखे, ये कोई नहीं जानता .

सुविचार 347

कई बार आप जानते ही नहीं हैं कि आपको क्या चाहिए.

_अगर आप सच में जानते हैं कि आपको क्या चाहिए, तो उसे पाना कोई मुश्किल नहीं है.
_बहुत- से समय तो हम अनिश्चित होते हैं.
_कई बार जब आप किसी वस्तु के लिए लगातार कुछ प्रयास करते हैं, तो आप पाते हैं कि अगले हफ्ते या अगले महीने या अगले साल, वो आपको नहीं चाहिए होता है. _इसलिए कुछ संकल्प करने से पहले अपनी सजगता बढ़ानी चाहिए..
– संकल्प के साथ सजगता को जोड़ें .
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