सुविचार 242
जब मन सजग, सहज और रचनात्मक रहेगा, तो आपको हर परिस्थिति का समाधान नज़र आएगा.
लेकिन उस के पास न जाना और भी अच्छा.
बाकी आधे सुन कर मन ही मन कहते हैं, अच्छा हुआ, इस के साथ ऐसा ही होना चाहिए.
कोई भीतर से खोखला हो सकता है.
_ हम अपने दम पर बहुत कुछ करना जानते हैं..
तुम नहीं जानते कि तुम कहाँ फिट होते हो.
पर सदा याद रखो कि मेरी ज़िन्दगी
…..तुम्हारे बिना पूरी नहीं है.
मैं तुझे मेरी जिंदगी के कुछ रंग दे दूंगा.