मस्त विचार – मेरे अपने – 022
_ उनकी असलियत न दिखती तो.. मैं आज भी उन्हें बेशकीमती समझने की भूल कर रहा होता.!!
– फिर उसके बाद आपको सारी उम्र शर्मिंदा भी रहना है.!!
_ मन की खिड़कियों को सदा के लिये बंद करने पर..!
_ बाद में हम उन्हें वैसे देखना शुरू कर देते हैं, जैसे वो सच में होते हैं.!!
_इसलिए बस जियो और खूब मस्त रहो.!!
_ आप का दिल कहता है भाड़ में जाय ये.!!
– The chapter is over.
_जब तक कोई अपना ज़ोर का धक्का ना दे.!!
_ वो हमारा नहीं हो सकता.. उसे हर किसी के पास रहने दो.!!
_ इस तरह हम उन रिश्तों से मुक्त हो जाते हैं जो बोझ बन गए थे.!!
_ और हम उनके लिए अच्छे बने रहते हैं.!!
_ अब अपनों पर भी यक़ीन सोच-समझ कर आता है.!!
_ सही वो भी थे… गलत मैं भी नही.!!
_ मैं भी ढीठ था, बीज बन कर उगा और खुशबू बन हवाओं में फैल गया.!!
_ बल्कि दुख इस बात का है कि वो अपनों का नक़ाब पहनकर हमारे बीच मौजूद हैं.!
_ क्योंकि मेरे पास इनमें से ना कोई है और ना कोई था..!!
_ उतना ही मिलो किसी से जितना वो मिलना चाहता है..!!





