सुविचार 186

सिर्फ एक वादा अपने आप से ज़िन्दगी भर निभाना,

जहाँ आप गलत ना हों, वहाँ सिर मत झुकाना..

 

Collection of Thought 048

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Learn to accept difficulties and use them as stepping stones then you won’t ask god to remove difficulties from your life.

कठिनाइयों को स्वीकार करना सीखो और उन्हें कदम के पत्थर के रूप में उपयोग करो, तो आप रब से अपने जीवन से कठिनाइयों को दूर करने के लिए नहीं कहोगे.

 

 

 

 

 

 

 

सुविचार – चाय – Tea – 185

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आज चाय में सिर्फ टेस्ट नहीं, थोड़ा सुकून भी मिला..

_ कश्मीरी कहवा जैसा हल्का, गर्म और गहरा..!!

🍵 चाय और सुकून :

1. “चाय सिर्फ एक ड्रिंक नहीं, एक लम्हा होता है – जिसमें दुनिया रुक जाती है और सुकून बैठ जाता है.”
2. “एक कप चाय, थोड़ा सा अकेलापन, और अंदर की बातों से मुलाकात – सुकून इसी का नाम है.”
3. जब जिंदगी तेज़ हो जाए, तो एक गरम चाय की चुस्की उस भागती दुनिया को धीरे कर देती है.”
4. “चाय के हर घूंट में एक कहानी होती है – कभी यादों की, कभी खामोशी की, कभी सुकून की..”
5. “चाय के साथ बातें नहीं भी हो, तो भी सुकून होता है – क्योंकि कभी-कभी खामोशी भी मुस्कुराती है.”
6. “गरम चाय और ठंडी हवा – दोनों मिल जाएं तो सुकून ढूंढने की ज़रूरत नहीं पड़ती.”
7. “चाय के साथ वक्त भी पिघलता है… और थोड़ा-थोड़ा सुकून अंदर उतरता है.”

सुविचार 184

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व्यथा और वेदना कि पाठशाला में जो पाठ सीखे जाते हैं, वे पुस्तकों तथा विद्यालयों में नहीं मिलते.

 

 

सुविचार 183

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पहली मुलाकात में ही किसी व्यक्ति के बारे में कोई निशचित धारणा न बना ली जाए, क्योंकि बाद में उस पर अडिग नहीं रहा जा सकता.

 

 

सुविचार – किसी के खो जाने का दर्द – 181

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खो जाने वाले के परिवार से कोई पूछे किसी के खो जाने का दर्द,

_ पूरा जीवन इसी उम्मीद में निकल जाता है कि शायद वो मिल जाए,

_ किसी के मरने से कहीं ज्यादा किसी के खो जाने का दर्द ज्यादा होता है,

_ जो इस दुनिया से चला गया उसका हमें पता है, जो खो गया उसके लिए पूरा जीवन यूं ही ऊहापोह में निकल जाता है.

Collection of Thought 047

Nobody can go back in time. You can live your life only one way — Forward. Put the past behind and use your energy to fight the problems facing you now. Stop fretting about the moles and mountains of the dead past.

कोई भी बीते हुए समय पर वापस नहीं जा सकता, _ आप अपना जीवन केवल एक ही तरीके से जी सकते हैं – आगे __ अतीत को पीछे छोड़ दें और अपनी ऊर्जा का उपयोग उन समस्याओं से लड़ने के लिए करें जिनका आप अभी सामना कर रहे हैं, _ मृत अतीत के तिलों और पहाड़ों के बारे में चिंता करना बंद करें.

 

 

 

 

 

 

 

 


 

 

 

 


 

 

सुविचार – हैरान करती हैं कुछ बातें.. – 180

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*हैरान करती हैं कुछ बातें,,,

किसी का व्यवहार
किसी का हद से ज्यादा बोलना…
तो किसी की चुप्पी,,,,
किसी का हमसे मतलब होने तक बात करना,,,
किसी का हमसे बिन वजह दुश्मनी निभाना,,,
किसी का हमारी खुशियों को देख,,,
मन ही मन दुखी होना,,,
तो किसी का मासूमियत से भरा चेहरा,,,
जिसके पीछे छिपा होता है एक काला चेहरा,,,
किसी का बिन वजह हमारी परवाह करना,,,
तो किसी का जान बुझकर Ignore करना,,,,
कहीं अजनबियों का अपनापन,,,
तो कहीं अपनों का परायापन,,,
हैरान करती हैं कुछ बातें,,,हरदम*

सुविचार – मदद, सहायता, उपकार, इमदाद, हेल्प, Help – 179

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हम किसी की मदद उसके ख्वाबों को पूरा करने में तो कर सकते हैं..

_ लेकिन जब कोई इंसान ख़्वाब ही न देखे तो हम उसकी आंखों में ख़्वाब नहीं भर सकते.
_ हस्सास इंसान दूसरों की दुःख तकलीफ़ मेहसूस भी करता और परेशान भी होता है.
_ हम उनकी मदद भी करते हैं, उन्हें सुनते भी हैं, अपनी हदों से आगे जाकर उसकी मदद भी कर सकते हैं लेकिन हम किसी और के हिस्से की कोशिश नहीं कर सकते.
_ हम किसी का हौसला तो बढ़ा सकते हैं, हम रास्ता भी दिखा सकते हैं..
_ लेकिन हम किसी और के हिस्से का क़दम नहीं बढ़ा सकते हैं.
_ कुछ लोग हमारे मूंह पर तमाचा मार जाते हैं कि तुम नहीं समझोगे,
_ हां हम वाकई नहीं समझते.. क्योंकि हम चाहते हैं कि आप अपनी लड़ाई ख़ुद लड़ें.
_ रास्ता दिखाया जा सकता है लेकिन रास्ते पर उसी को चलना होता है जिसकी लड़ाई होती है.
_ सच तो ये है कि मुझे अब किसी भी चीज़ का कोई मलाल नहीं है कि मैंने किसी ऐसे अपने जानने वाले इंसान की मदद नहीं की.. जिसकी मदद की जानी चाहिए थी.
_ दरअसल ज्यादातर लोगों को मदद नहीं चाहिए होती है बस एक कंधा चाहिए होता है जहां वो बस सुना पाएं और रोते रहें.
_ मैंने ऐसे तमाम रोने वाले लोगों से दूरी इख्तियार कर ली है.
_ अब मैं अगर उन्हें सुनती हूं तो उतना जितने में मेरे ज़हन पर कोई असर न हो, और सलाह देनी तो बिलकुल ही बंद कर दी है.!!
– Nida Rahman
दूसरों का उपकार करना स्वयं का ही उपकार करना है.

_ इसलिए जितना हो सके उपकार करे.
_ बदले में क्या मिलेगा.. इसकी चिंता बिल्कुल न करे.
_ उस व्यक्ति से भले न मिले, भले वो चोट ही दे,
_ पर इतना मिलेगा.. जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है.!!
मदद मिलने पर ही राहत नहीं होती..

_ मदद का वादा भी बहुत बड़ी राहत देता है.!!
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