मस्त विचार 126

मै तो साधारण इन्सान था, तूने इस लोहे को सोना ही नहीं बनाया.

तू ने तो अपनी पारसमणि से छूकर पारस ही बना दिया.

सुविचार 228

कठिनाईयाँ जब आती हैं तो कष्ट देती हैं, पर जब आती हैं तो, आत्मबल का ऎसा उत्तम पुरस्कार दे जाती हैं, जो उन कष्टों और दुःखों की तुलना में हजार गुना ज्यादा मूल्यवान होती है.

मस्त विचार 124

अक्सर मैं अपनी बात समझाने में नाकाम होता हूँ …

क्यूंकि मैं एहसास लिखता हूँ लोग अलफ़ाज़ पड़ते है………

सुविचार – बेहतर – बेहतरीन बातें – 227

बेहतरीन बाते

१. इबादत के वक़्त अपने दिल को क़ाबू मे रखो.

२. किसी के घर जाओ तो आँख को क़ाबू मे रखो.

३. किसी महफ़िल मे जाओ तो ज़बान पे क़ाबू रखो.

४. जब खाने बैठो तो पेट को क़ाबू मे रखो.

५. अपनी नेकियाँ और दूसरों की बुराई भूल जाओ.

६.  रब और मौत को हमेशा याद रखो.

जब तक आप बेहतर बनने की कोशिश नहीं करेंगे, तब तक कुछ भी बेहतर नहीं होगा.!!

_ हमारा ध्यान अपने जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में ले जाने पर होना चाहिए.!!

अच्छा ही काफी नहीं है, आप को बेहतर बनना है..

_ बेहतर [ Better ] होने के लिए, _कड़ी मेहनत करनी पड़ती है..!!

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई कुछ भी कहता है, उनकी बकवास मत समझो.!

_ क्योंकि आप उनसे बेहतर हैं, उनसे तेज़ हैं और आप बहुत बेहतर दिखते हैं.!!

विशेष रूप से उसे ही विशेष मानो, जो आपको बेहतर बनाए ;

_ फ़ालतू चीजें सिर्फ और सिर्फ आपको भटकाने के लिए ही होती हैँ.!!

मस्त विचार 123

आहीस्ता चल जिंदगी,

अभी कईं कर्ज चुकाना बाकी है.

कुछ दर्द मिटाना बाकी है, कुछ फर्ज निभाना बाकी है.

रफ्तार मे तेरे चलने से कुछ रूठ गये, कुछ छूट गये.

रूठों को मनाना , छुटे हुये को जुटाना अभी बाकी है.

कुछ हसरतें , कुछ जरूरी काम अभी बाकी है.

ख्वाईशें जो दबी रही इस दिल में,उनको दफनाना बाकी है.

कुछ रिश्ते बन कर टूट गये, कुछ जुडते जुडते छुट गये,

उन टुटे और छुटे रिश्तों के, जख्म मिटाना अभी बाकी है.

तू आगे चल मै आता हूं,

क्या छोड कर तुझे जी पाउंगा?

इन सांसो पर जिनका हक है, उनको समझाना अभी बाकी है.

आहीस्ता चल जिंदगी,

अभी कईं कर्ज चुकाना बाकी है.

 

 

 

मस्त विचार 121

जिन्दगी हरदम रहे महकती, चेहरे पर रहे हरदम प्रसन्नता.

ह्रदय में हो मेरे विशालता, बुद्धि में हो मेरे समता.

मस्त विचार 120

ज़माना पूछता है तुम कौन हो.

ज़माना क्या जाने हम कौन हैं.

जो खुद को नहीं जानता है.

वो हमें पूछता है तुम कौन हो.

मस्त विचार 119

इस दुनिया के लोग भी बड़े अजीब हैं, _

_ सारे खिलौने छोड़ के जज्बातों से खेलते हैं.

जो लोग आपके जज्बातों की कदर नहीं करते, _

_ उन्हें अलविदा कहने में कोई बुराई नहीं ..

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