सुविचार – माफ़ – माफ – माफ़ी – माफ़ी – 177
सुविचार 176
सुविचार – क्या बदला है दुनिया में ? – 175
सुविचार – “हमारे ज़माने में” – 174
आ_अब_लौट_चलें..
_ जीवन के लगभग 40 साल बीतने पर नई पीढ़ी आ जाती है और हम “हमारे ज़माने में” कहने की सुविधा प्राप्त कर लेते हैं.
_ तो ! हमारे ज़माने में ऐसी गुंडागर्दी न थी.
_ प्यार मुहब्बत थे, दिल मिलने, न मिलने की बातें थीं.. लेकिन भई, मार-काट डालने की खबरें हमने नहीं सुनी थीं.
_ हमारे ज़माने में हम निर्द्वंद जीते थे, कहीं घूम-फिर लें, हमें कतई डर नहीं लगता था.
_ आजकल घर के अंदर घुसे रहते हैं.. तो भी डर लगता है.
_ अपने लिए नहीं तो बच्चों के लिए ही डर लगता रहता है.
_ इससे सिद्ध होता है कि ‘हमारा ज़माना अच्छा था’
– Manika Mohini
नई पीढ़ी के तौर-तरीके सन्न भी करते हैं और सुन्न भी.!!
– Manika Mohini
सुविचार 173
सुविचार – दया – दयालु – करुणा – कृपालु – मर्सी – Mercy – 172
Quotes by चन्द्रगुप्त मौर्य
जीवन में एक बार जो फैसला कर लिया तो फिर पीछे मुड़ कर मत देखो, क्योंकि पलट- पलट कर देखने वाले इतिहास नहीं बनाते.





