मस्त विचार 4757
तुम खुश होकर मुस्कुराते हो.!
हम तुम्हे खुश देख कर मुस्कुराते हैं.!!
हम तुम्हे खुश देख कर मुस्कुराते हैं.!!
तब समझ में आया कि मैं भी किसी से कम नहीं.
खुशी का रहस्य है अपने आशीर्वादों को गिनना जबकि दूसरे अपनी परेशानी बढ़ा रहे हैं.
दुखी लोग वैसे भी अवसाद फैलाते ही हैं, और खुश लोगों को देखकर वे और भी अधिक अवसाद में आ जाते हैं.!!
मौजूदगी की क़दर किसी को नहीं..
आपकी बुद्धि मानवीय सीमाओं से परे चली जाती है.
तुम आने से रहे और हम अब बुलाने से रहे…
सौंदर्य उस देह को छोड़ देता है “
पर सवाल यह है की सुख को ताला लगाया किसने है..