सुविचार 201
तुमको अपने आप ही सहारा मिल जाएगा.
कश्ती कोई डूबती पहुँचा दो किनारे पे,
तुमको अपने आप ही किनारा मिल जाएगा.
तुमको अपने आप ही सहारा मिल जाएगा.
कश्ती कोई डूबती पहुँचा दो किनारे पे,
तुमको अपने आप ही किनारा मिल जाएगा.
इतने मिले दुःख कि दुःख ही दवा बन गए.
न खुशी में ख़ुशी न ग़म में ग़म मिले.
मन और दिमाग सब सुन्न हो गया.
चोट पे चोट मै खाता चला गया.
खामोश रहा पर मै कुछ कह न सका.
मुस्कुराना मै भी हूँ चाहता.
पर तरसता हूँ एक बहाने को.
तू आए तो एक बहाना बन जाए.
अतएव उसके बगैर ही मै आगे बढ़ चला.
_ सुना है अंत मे सब ठीक हो जाता है..
न आँसू बहाने को जी चाहता है,
लिखूँ तो क्या लिखूँ तेरी याद में,
बस तेरे पास आने को जी चाहता है.
ऐ मेरे थके मंन, सुख की सांस ले.
तेरे स्वस्थ होने का समय आ गया है.
मेरा यार जो करता है मदद सभी की.
है आ चुका इस दुनिया में.
और रूप है उसका
एक मनुष्य का…………