मस्त विचार 106

ऐ यार, मैंने भी अपना यार देखा है.

तुम्हे दूर से, उसे पास से देखा है.

तू दीखता नहीं, उसे आँखों से देखा है.

फर्क सिर्फ इतना है तुझमे और उसमे.

उसे आँखों से और तुझे दिल से देखा है.

मस्त विचार 101

वो सब कुछ जो कहा जाना बहुत ज़रूरी है..

या तो डायरियों में दर्ज़ है _ या चुप्पियों में कैद …!

मस्त विचार – एक जाम ख़ुदा ने दोस्ती का पिला दिया – 100

एक जाम ख़ुदा ने दोस्ती का पिला दिया, सूनी गुमसुम राहों को आपसे सजा दिया.

बीत रहा हर लम्हा आपकी दोस्ती के साये में, कुछ इस तरह कायल आपने दोस्ती का बना लिया.

इन लकीरों में आपका नाम छुपा था, मेरी तक़दीर में अनजाने दोस्त का पैगाम भी छुपा था.

बरसी इनायत इस कदर ख़ुदा कि मुझ पर, कि फूल-सा दोस्त मेरे भी आंगन में खिला दिया.

आपकी दोस्ती से मुझे एक जूनून मिला है, गिरती ठोकरों में उठाते हाथ का सकून मिला है.

डूब जाती है हर उठती लहर इस दोस्ती कि गहराई में, मेरी कश्ती जो तैरा दे, ऐसा दोस्त दिया है.

अँधेरे में आपने एक दीप जलाया है, कुछ टूटे सपनो को, फिर इन आँखों में सजाया है.

रोशन है हर राह मेरी आपके नूर से, कि हर राह को रोशन करता चाँद, फलक पर बैठा दिया.

अरज है मेरी आपसे दूर न होना, मेरी किसी ख़ता से रूठ मत जाना.

आपकी दूरी से कहीं बिखर न जांऊ मै, कुछ ऐसा कायल आपने अपनी दोस्ती का बना लिया.

कि एक जाम ख़ुदा ने दोस्ती का पिला दिया.

मस्त विचार 099

मुझे एक नया क्षितिज छूना है,

मन में छिपा एक आसमान है,

जो इस जमीं से दोगुना है,

रोशन कर दूंगा इस दुनिया को,

बस एक मौका पाना है,

बाँध ली है गाँठ मन में,

जो अन्दर है उसे बाहर लाना है.  

मस्त विचार 098

रात नहीं ख्वाब बदलता है, मंजिल नहीं कारवां बदलता है.

जज्बा रखो जीतने का,

क्यूंकि किस्मत बदले न बदले पर वक़्त जरूर बदलता है.

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