मस्त विचार 096

तुम हर जगह अपना रास्ता बना लेते हो,

और जहाँ से गुजरते हो,

उस जगह जिन्दगी के क़दमों के निशान छोड़ जाते हो.

मस्त विचार 095

काँटों से भी मुझको प्यार है, काँटे ही फूलों के पहरेदार है.

चलो छोड़ो फूलों को, काँटों से महक जाओ.

सुविचार – 5–5–5 फार्मूला [Formula] – 222

5–5–5 फार्मूला

खुद से पूछो :
क्या ये बात 5 दिन बाद महत्वपूर्ण [important] होगी?
5 महीने बाद ?
5 साल बाद ?
_ अगर जवाब “नहीं” है, तो अभी भी इतना टेंशन [tention] लेने की जरूरत नहीं है.
– जो कुछ भी अभी मुझे डिस्टर्ब [Disturb] कर रहा है क्या वो 5 साल बाद भी मेरा सुकून छीन पाएगा ?
– हर छोटी बात को बड़ा बनाना भी एक आदत है… और उसे छोड़ देना भी.
Decision Making Formula :
किसी भी फैसले [decision] से पहले 5 चीजें लिखो :
Fayda
Nuksaan
Long-term impact
Emotional effect
Kya ye mere values se match karta hai ?
कभी-कभी जो बात 5 साल बाद भी याद रहती है…वो टेंशन [tension] नहीं, अधूरा अनुभव होता है.

_ इसलिए कभी ये भी पूछिए : “क्या मैं इस पल को पूरा जी रहा हूं, या सिर्फ विश्लेषण कर रहा हूं ?
मैं प्रकृति में जा कर विस्तार [Expand] हो रहा हूँ…या समझ से बच कर हल्का हो रहा हूँ ? दोनों अलग चीज़ें हैं.
अगर कल सुबह मेरी आंख न खुले… तो क्या मैं आज का दिन इस तरह जी रहा हूं.. ‘जैसा जीना चाहिए’ ?

सुविचार – NOT TO-DO LIST – न करने योग्य कार्यों की सूची – 221

**“NOT TO-DO LIST”

_ यानी क्या करना है से ज्यादा, क्या नहीं करना है, ताकि जीवन हल्का रहे.
_ असल में यह कामों की सूची कम और अनावश्यक बोझ उतारने की सूची ज्यादा है.
मेरी NOT TO-DO LIST
❌ हर बात की सफाई नहीं देनी.
❌ हर किसी को समझाने की कोशिश नहीं करनी.
❌ हर आलोचना को गंभीरता से नहीं लेना.
❌ हर व्यक्ति की राय को अपने जीवन का पैमाना नहीं बनाना.
❌ जहाँ संवाद की गुंजाइश नहीं, वहाँ सिर नहीं पटकना.
❌ किसी को खुश करने के लिए अपनी पसंद नहीं बदलनी.
❌ दूसरों की जिंदगी से अपनी जिंदगी की तुलना नहीं करनी.
❌ सिर्फ इसलिए कुछ नहीं खरीदना कि दूसरों के पास है.
❌ हर इच्छा को जरूरत नहीं समझना.
❌ भविष्य की इतनी चिंता नहीं करनी कि आज का दिन निकल जाए.
❌ बीती हुई बातों को बार-बार दिमाग में replay नहीं करना.
❌ हर रिश्ते को बचाए रखने की जिम्मेदारी अपने सिर नहीं लेना.
❌ जो रहना नहीं चाहता, उसे रोकना नहीं.
❌ जो समझना नहीं चाहता, उसे समझाते नहीं रहना.
❌ अपनी शांति की कीमत पर किसी रिश्ते को नहीं निभाना.
❌ हर विचार को तुरंत निष्कर्ष नहीं बनाना.
❌ हर सवाल का जवाब तुरंत नहीं ढूँढना.
❌ हर अच्छी बात का ऐलान नहीं करना.
❌ हर काम को “जरूरी” बनाकर खुद को व्यस्त नहीं रखना.
❌ अपनी जिंदगी दूसरों की अपेक्षाओं के हिसाब से नहीं जीना.
❌ खुद को लगातार साबित नहीं करना.
❌ और सबसे जरूरी- अपने ही खिलाफ नहीं जाना.
NOT-TO-DO LIST – कुछ और
❌ हर बात पर प्रतिक्रिया नहीं देनी.
❌ हर संदेश का तुरंत जवाब नहीं देना.
❌ हर रिश्ते में बराबर effort की उम्मीद नहीं करनी.
❌ किसी की चुप्पी का अर्थ अपने मन से नहीं निकालना.
❌ जो बात स्पष्ट नहीं है, उसकी कहानी अपने दिमाग में नहीं बनानी.
❌ हर अवसर को पकड़ना जरूरी नहीं समझना.
❌ “लोग क्या कहेंगे” को निर्णय लेने का आधार नहीं बनाना.
❌ अपनी कीमत दूसरों के व्यवहार से तय नहीं करनी.
❌ किसी की सफलता से अपनी जिंदगी को छोटा नहीं समझना.
❌ किसी की असफलता देखकर खुद को बड़ा नहीं समझना.
❌ जिसे बदलना आपके हाथ में नहीं, उसे बदलने में जीवन नहीं लगाना.
❌ हर चीज़ को control करने की कोशिश नहीं करनी.
❌ भविष्य की अनिश्चितता को आज की समस्या नहीं बनाना.
❌ अपने पुराने version को हमेशा defend नहीं करना.
❌ गलती हो जाए तो खुद को उम्रभर सज़ा नहीं देनी.
❌ हर अकेलेपन को तुरंत लोगों से भरना नहीं.
❌ हर खाली समय को किसी activity से भरना नहीं.
❌ सिर्फ व्यस्त रहने के लिए व्यस्त नहीं रहना.
❌ आराम करने पर guilt महसूस नहीं करना.
❌ अपनी शांति को productivity के नाम पर बेच देना.
❌ हर चीज़ को monetize करने की जरूरत नहीं समझना.
❌ हर अनुभव से कोई “सीख” निकालना जरूरी नहीं- कुछ अनुभव बस जीने के लिए होते हैं.
❌ हर सुंदर चीज़ को अपना बनाने की कोशिश नहीं करनी.
❌ और… हर दिन को बेहतर बनाने की कोशिश में उसे जीना मत भूलना.
❌ – ऐसी जिंदगी नहीं जीना, जिसे देखकर दूसरे खुश हों.
और जिसे जीते हुए मैं खुद थक जाऊँ.
– “जो मेरी जिंदगी को बेहतर नहीं बनाता,
उसके लिए अपनी जिंदगी को भारी नहीं बनाऊँगा”

मस्त विचार 093

मैंने आज दीवारों को रंगा है,

इस उम्मीद से कि ये नये रंग,

कुछ मेरी जिन्दगी भी बदल देंगे,

कुछ खुशियां जीवन में भर देंगे,

इस बार इन नये रंगो से खेलूँगा,

अँधेरों को छोड़कर उजालों से मिलूंगा.

मस्त विचार 092

अजब अन्दाज की ये ज़िन्दगी महसूस होती है,

भली मालुम होती है बुरी महसूस होती है,

जो हाजिर है कभी उन पर तबज्जो ही नहीं जाती,

नहीं जो सामने उसकी कमी महसूस होती है. 

मस्त विचार 090

मजबूर ये हालात इधर भी हैं, उधर भी.

कुछ मुश्किलें इधर भी हैं, उधर भी.

कहने को बहुत कुछ है, मगर किसे कहें हम.

कब तक यों ही खामोश रहें और सहें हम.

मन करता है दुनिया कि हर रस्म उठा दें.

दीवार जो दोनों तरफ है, आज गिरां दे.

पर कुछ मजबूर हालात इधर भी है, उधर भी.

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