सुविचार – गैर – अजनबी – अंजान – अनजान – 164

14083972001_3c6e0a7e43

अच्छी ज़िन्दगी जीने के दो तरीके हैं. पहला, जो पसन्द है उसे हासिल कर लो और दूसरा, जो हासिल है उसे पसन्द करना सीख लो.
हम कभी-कभी ऐसे लोगों से मिलते हैं, यहां तक ​​कि पूर्ण अजनबी भी, जो हमें पहली नजर में, किसी तरह अचानक, एक बार में, एक शब्द बोले जाने से पहले ही दिलचस्पी लेने लगते हैं.
कई बार ये अनजान लोग अपने लोगों से भी ज़्यादा अपने लगने लगते हैं और हमको पता भी नहीं चलता है.!!
मिला करो अनजानों से भी, कभी-कभी अंजान अपनो से बेहतर मिल जाते है..!!
अपनों में अपने नहीं मिलते.. गैरों में अपने मिल जाते हैं.!!
कुछ अजनबी, अपनो से बेहतर मिल जाते हैं.!!
कई बार ऐसा होता है हम किसी को जानते नहीं, पर हम उनको जानने लगते हैं,

_ न जाने कैसे हम ऐसे कितने ही अनजान लोगों को अपने भीतर रखे हुए होते हैं…!

अजनबी सब अपने हुए, अपनों से ही तो बगावत है,

_अपने तो अपने होते हैं, ये तो सिर्फ कहावत है.

“अब मैं इतना बदल गया हूं कि.. जो लोग मुझे अच्छे से जानते हैं,

_ उन्हें भी मैं अजनबी लगने लगता हूँ.!!”
– कभी-कभी हमारी आंतरिक यात्रा हमें इतना बदल देती है कि पुराने रिश्ते, परिचय और पहचान भी हमें पहचान नहीं पाते..
_ यह अजनबीपन दरअसल नए स्वरूप की गवाही है.
_ जो लोग आपको सच में समझना चाहते हैं, वे आपके इस बदलाव को पहचानेंगे..
_ बाकी लोग वहीं ठहर जाएंगे, जहाँ वे पहले आपको देखते थे.
_ यह “अजनबी लगना” वास्तव में अपने नए सच में प्रवेश करना है.!!
अगर तुम सोशल मीडिया की दुनिया में कुछ करना चाहते हो तो..

_ सबसे पहले खुद को आजाद करना सीखो.
_ अपने दोस्तों से, अपने रिश्तेदारों से..- अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को ब्लॉक करो
अपनी पहचान से.
_ क्योंकि सोशल मीडिया की दुनिया में, सपोर्ट सबसे पहले अजनबी देते हैं
अपने लोग नहीं..
_ अपने लोग तुम्हें जानते हैं और यही जानना सबसे बड़ी रुकावट बन जाता है.
_ वे तुम्हें उसी नजर से देखते हैं, जैसे तुम कभी थे.
_ वे तुम्हारे बदलने को स्वीकार नहीं कर पाते, वे तुम्हारे आगे बढ़ने से डरते हैं.
_ अजनबी तुम्हें नहीं जानते, इसलिए वे तुम्हें तुम्हारे काम से पहचानते हैं.
_ वहाँ तुम्हारा अतीत नहीं चलता, वहाँ सिर्फ तुम्हारा हुनर बोलता है.
_ इसलिए अजनबियों से दोस्ती करो.. दिल लगाकर..
_ लेकिन भरोसा अपने हुनर पर रखो.. लोगों पर नहीं..
_ अपने शब्दों से, अपनी सोच से, अपने सच से, उनका दिल जीतो..
_ क्योंकि इस दुनिया में सिर्फ वही टिकता है, जो ईमानदारी से लिखता है.
_ अच्छे लोग हमेशा अच्छे रहते हैं, हालात जैसे भी हों.
_ इसलिए भीड़ से मत डरो, अकेलेपन से मत भागो.
_ अजनबी तुम्हें रास्ता देंगे और तुम्हारा हुनर तुम्हें मंजिल तक ले जाएगा.!!
– लेखक की दुनिया

सुविचार 163

10199401796_ac395d469a

अविश्वास नकारात्मक शक्ति है, जब मस्तिष्क किसी बात पर सन्देह करता है तो वह ऎसे कारणों को खोज लेता है, जिनसे उस विश्वास को बल मिले.

 

Quotes by अमृता प्रीतम

कई दिलों से मिलने के लिए कुछ होता ही नहीं, दो कदम चलो और ज़मीन ख़त्म हो जाती है. एक गोता लगाओ तो मालूम होता है कि यह समुद्र नहीं, एक छोटा सा तालाब है. खानों में से भी हमेशा सोना ही नहीं निकलता, मिट्टी और रेत भी निकलती है.

सुविचार – एडजस्ट – Adjust – समायोजित करना – 162

एडजस्ट [Adjust] करना सीखिए..

_ सबकुछ हमारी इच्छा के अनुसार हो, ये जरुरी थोड़े है..
_ ये दुनिया केवल हमारे अकेले के लिए थोड़े बनी है, जो हम चाहेंगे वैसा ही होगा,
_ एडजस्ट [Adjust] करना सीखिए..
_ परिस्थिति के अनुसार ख़ुद को ढालना सीखिए,
_ अगर बात-बात पर खिन्नता अनुभव करोगे तो लोग हमें अपनी दुनिया से बाहर निकाल फेकेंगे ;
_ ये ज़िंदगी है, यहाँ ख़ुद को परिस्थिति अनुसार बदलना पड़ता है, एडजस्ट करना पड़ता है ;
_ इसलिए एडजस्ट [Adjust] करना सीखिए.!!

सुविचार – शब्द – शब्दों -161

3178733735_d2abd5dbdc

शब्दों को कोई भी स्पर्श नहीं कर सकता, पर शब्द सभी को स्पर्श कर जाते हैं.!!
“कुछ रास्ते शब्दों से शुरू होते हैं, और ख़ामोशी में चलकर रोशनी तक पहुँचते हैं”
“शब्द स्पष्ट हो जाएँ, तो कई विवाद अपने आप छोटे हो जाते हैं”
शब्दों की अपनी तपन है, ये सुकून भी देते हैं और जला भी देते हैं.!!
शब्दों की आयु भले कम हो गई हो, लेकिन यदि उन्हें सही जगह बोया जाए तो वे एक दिन अवश्य फल देंगे.!!
जब इंसान के पास तर्क और संवेदना ख़त्म हो जाती है तब वह अपशब्दों का सहारा लेता है.!!
आपके शब्दों से पता चल जाता है कि आप भटके हुए हैं या संभले हुए.!!
शब्दों के शोर से बड़ा अपनी खामोशी का कद रखें ;

_ सादगी ही आपकी शख्सियत का असली वज़न है.!!

अपने शब्दों में ताकत डालें आवाज में नहीं,

_ क्यूंकि बारिश से फूल उगते हैं, बाढ़ से नहीं….

जो समझना चाहता है, कम शब्दों में भी समझ जाता है.
_ जो नहीं चाहता, उसे पूरी कहानी भी काफी नहीं होती.!!
जब कोई कहता है ‘आप कर लोगे’, ‘आप अच्छा करोगे’

_ इन छः शब्दों में छिपा होता होता है एक भरोसा..!!

“जो महसूस कर ले, उसे शब्दों की ज़रूरत नहीं,

_ और जो न समझे, उसे हज़ार तर्क भी कम पड़ जाते हैं.”

लोगों को उनकी हरकतों से समझना सीखो,

_ आप उनके शब्दों से बेवकूफ़ बनना छोड़ दोगे !!

आपके शब्द कितने भी महत्वपूर्ण क्यों ना हों,

_ सुनने वाला अपनी क्षमता के अनुसार ही समझेगा..!!

सोच-समझकर बोलिए.. क्योंकि शब्दों के ज़ख्म चाहे नज़र नहीं आते,

पर उनका असर उम्र भर रहता है.!!

शब्दों में इतनी आग होती है कि कभी-कभी खुद को भी आहत कर देते हैं.

_शब्दों में सिर्फ आग ही नहीं ठंडक और महक भी होती है, जो राहत पहुंचाते हैं..!!

शब्दो की परख नही होती है हमे, पर कई बार किसी न किसी वजह से वे अपनी तरफ खिंच लेते हैं

_ हमें पल्ले कुछ नहीं पड़ता पर फिर भी उन गहरे शब्दों को पढ़कर सुकून पा लेते हैं …!

शब्दों का भारीपन हर कोई झेल नहीं सकता,

_ इसीलिये वो ही शब्द मुँह से निकालें, जो आपको खुद के लिए अच्छे लगते हों.!!

शब्दों के प्रयोग में लहजे का भी ओहदा रखिए…

_ क्योंकि… शब्द आपके व्यक्तित्व को उजागर करते हैं !

_ और जहां आप मौजूद नहीं हैं …..वहां भी ये पूरी निष्ठा से आपका प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं..!!

Collection of Thought 044

14032418365_56c08214a9
The past often haunts. Even if you have made serious mistakes, nothing can undo them, There is only one thing you can do — Learn from them. it is a disgrace to stumble twice against the same stone.

अतीत अक्सर सताता है, _ यदि आपने गंभीर गलतियाँ की हैं, तो भी उसमें कोई कुछ नहीं कर सकता, केवल एक ही चीज़ है जो आप कर सकते हैं – उनसे सीखें, _ एक ही पत्थर पर दो बार ठोकर खाना लज्जा की बात है.

 

सुविचार 160

14010430264_3b7e0c59c0

जिन लोगों का मन पवित्र नहीं होता, उन का कोई भी कर्म पवित्र नहीं होता.- जुन्नैद

 

Collection of Thought 043

14009833515_ce19ba6ca3
Thinking makes a man his own friend or own enemy. if you can control your mind, you can make it your friend.

सोच मनुष्य को अपना मित्र या अपना शत्रु बना लेती है, _ यदि आप अपने मन को नियंत्रित कर सकते हैं, तो आप इसे अपना मित्र बना सकते हैं.

 

 

 

 

सुविचार – घमंड – घमण्ड – अहंकार – 159

14006596214_437b5e0b28

केवल शक्तिशाली ही आत्मसमर्पण कर सकता है
_ कमज़ोर व्यक्ति जीवन से लड़ता है.
_ जब हमारे अंदर हीन भावना होती है, तो हम आसानी से नाराज़ हो जाते हैं और जो कुछ भी हम खुद को समझते हैं, उसकी रक्षा के लिए एक मजबूत अहंकार/पहचान का निर्माण करते हैं.

Only the powerful can surrender
A weak person fights life.
When we have some inferiority complex, then we easily get offended & build a strong ego/identity to protect whatever little we think we are.
“जब भीतर की समझ गहरी होती है, तो बाहर की कई बातें अपने-आप हल्की लगने लगती हैं..- यह अहंकार नहीं, विकास है.!!”
जब आपको अपनी अच्छाई पर इतना घमंड होने लगता है कि आप बार-बार उसकी प्रशंसा खुद ही करते हैं,

_ तब आपको एहसास नहीं हो रहा होता कि यह स्तुतिगान लकड़ी का वह रंदा है..
_ जिससे बुरादे की तरह आपकी अच्छाई धीरे-धीरे खुद-ब-खुद झड़ती जा रही है.
_ बात सिर्फ इतनी है कि आप इस बुरादे के ढेर पर खुद खड़े हैं और उसे देख नहीं पा रहे.!!
कई अहंकारी लोग समझते हैं कि उन्हें सब कुछ पता है,
_ और जितना उन्हें पता है, उससे आगे वे जानना नहीं चाहते.

_ ऐसी सोच के बाद उनकी ज़िन्दगी रुक जाती है और वे ठहरे हुए जल की भाँति सड़ाँध मारने लगते हैं.
_ स्वभाव में Flexibility लचीलापन न होने के कारण वे अधिक लोगों द्वारा पसंद नहीं किए जाते.
_ वे केवल स्वपूजा में लीन रहते हैं और अपने इर्द-गिर्द चाटुकार किस्म के लोगों को रखना पसंद करते हैं.
_ ऐसे लोगों की पहचान करके उनसे बचना ज़रूरी है..
_ वरना हमारी ज़िन्दगी उनकी चाटुकारिता में निकल जाएगी..
_ और हम सड़ाँध बन कर रह जाएंगे.!!
जीवन में कुछ लोगों का साथ छोड़ना पड़ता है,

_ घमंड के लिए नहीं अपने आत्मसम्मान के लिए..!!

“अहंकार पुरानी बातों को पकड़ता है, जबकि प्रेम और क्षमा वर्तमान में जीना सिखाते हैं.

_ अपनी गरिमा को किसी की कड़वी बातों का मोहताज न होने दें.
_ उड़ने के लिए हल्का होना ज़रूरी है !”
लोग आपको अहंकार तब दिखाते हैं, जब आप खुद को उनसे कम आंकने लगते हैं.!!
हमारे इर्द गिर्द कुछ इंसान गुरूर में रहते हैं.

_ उनका अपना कुछ खास नहीं…. घमंड फ़र्जी… गुरूर दूसरे के भरोसे का.!!

वो इंसान कभी सच में बड़ा नहीं बन सकता, जिसका दिल अहंकार से भरा हो..

_ क्योंकि विनम्रता ही सच्चा सम्मान दिलाती है.!!

जिन्हें खुद को बनाने में एक वक़्त लगा हो, वो घमंड नहीं आत्मविश्वास रखते हैं.!!
जब तक आप दूसरों को प्रभावित करना चाहते हैं, समझो आप अहंकार में हो.!!
ज़िंदगी कुछ बूंदों जितनी ही है..

_ ऐसे में अहंकार पालना तो खुद को डुबाने जैसा है.!!

तूफ़ान में कश्तियाँ और घमंड में हस्तियाँ डूब जाती हैं.!!
मत कर घमंड, एक दिन तुझे भुला दिया जाएगा,

_ हवा में उड़ते तिनके की तरह तू कहीं दूर खो जाएगा.!!

लोग कीचड़ से बचकर चलते हैं कि कहीं कपड़े गंदे ना हो जायें..

_ और कीचड़ को घमंड हो जाता है कि लोग उससे डरते हैं.

लोगों के मुँह से अपनी तारीफ सुनकर घमंड मत करना,

_ क्योंकि लोग बदल बहुत जल्दी जाते हैं.

सुविचार – मुनाफा – लाभ – प्रॉफिट – Profit – घाटा – Loss – 158

14005806415_410958a02c

चाय में मक्खी गिरे तो चाय फेंक देता है,

_ घी में मक्खी गिरने पर मक्खी निकाल फेंकता हैं,
_ इंसान घाटा मुनाफा देख कर ही सिद्धांतों का ढोंग करता हैं..!!
“कई चीज़ें लाभ के लिए नहीं खरीदी जातीं,
_ वे जीवन में थोड़ा-सा रंग जोड़ने के लिए खरीदी जाती हैं”
error: Content is protected