सुविचार 163
Quotes by अमृता प्रीतम
कई दिलों से मिलने के लिए कुछ होता ही नहीं, दो कदम चलो और ज़मीन ख़त्म हो जाती है. एक गोता लगाओ तो मालूम होता है कि यह समुद्र नहीं, एक छोटा सा तालाब है. खानों में से भी हमेशा सोना ही नहीं निकलता, मिट्टी और रेत भी निकलती है.
सुविचार – एडजस्ट – Adjust – समायोजित करना – 162
एडजस्ट [Adjust] करना सीखिए..
_ सबकुछ हमारी इच्छा के अनुसार हो, ये जरुरी थोड़े है..
_ ये दुनिया केवल हमारे अकेले के लिए थोड़े बनी है, जो हम चाहेंगे वैसा ही होगा,
_ एडजस्ट [Adjust] करना सीखिए..
_ परिस्थिति के अनुसार ख़ुद को ढालना सीखिए,
_ अगर बात-बात पर खिन्नता अनुभव करोगे तो लोग हमें अपनी दुनिया से बाहर निकाल फेकेंगे ;
_ ये ज़िंदगी है, यहाँ ख़ुद को परिस्थिति अनुसार बदलना पड़ता है, एडजस्ट करना पड़ता है ;
_ इसलिए एडजस्ट [Adjust] करना सीखिए.!!
सुविचार – शब्द – शब्दों -161
Collection of Thought 044
सुविचार 160
जिन लोगों का मन पवित्र नहीं होता, उन का कोई भी कर्म पवित्र नहीं होता.- जुन्नैद






