मस्त विचार 089
आज मैं समझदार हूँ, इसलिए खुद को बदल रहा हूँ.
आज मैं समझदार हूँ, इसलिए खुद को बदल रहा हूँ.
आप खोजने लग जाओ तो पाने को बहुत है.
वो हँसा नहीं सकते , हम रुला नहीं सकते .
साथ इतना खूबसूरत है हमारा .
वो बता नहीं सकते , और हम जत्ता नहीं सकते .
लेकिन सच तो यह है कि आपके द्वारा सोची गयी हर बात, वह चाहे अच्छी हो या बुरी, ब्रह्माण्ड में जाती है और उस व्यक्ति से टकरा कर आपके पास उसी रूप में वापस आती है.
“आसमां में मत दूंढ अपने सपनो को…
सपनो के लिए तो ज़मी जरूरी है,…
सब कुछ मिल जाए तो जीने का क्या मज़ा,…
जीने के लिये एक कमी भी जरूरी है”..
पर बे- वजह खुश रहने का मज़ा ही कुछ और है .
जीवन में खुशियों कि कोई कमी नहीं होती, बस जीने का अंदाज़ होना चाहिए.
खुद भी रो पड़ते हैं यहाँ , औरों को रुलाने वाले .