मस्त विचार 4866

सिर्फ़ एक तेरे फ़र्क ना पड़ने से बहोत फ़र्क पड़ता था मुझे_

_ फिर यूं हुआ कि अब तेरे फ़र्क पड़ने से भी फ़र्क नहीं पड़ता है मुझे…

सुविचार 4992

कुछ करने से ही कुछ होता है _ कुछ नहीं करने से कुछ भी नहीं होता है _

_ इसलिए कुछ होने के लिए कुछ कीजिए..

सुविचार 4991

बुद्धिमान व्यक्ति कभी भी निंदा या प्रशंसा से प्रभावित नहीं होता है.

मस्त विचार 4864

हर कोई अपनी ज़िन्दगी में कुछ ना कुछ तो कर ही लेता है, _

_ पर तुम ये याद रखो तुम कुछ नहीं बहुत कुछ करने वालों में से हो ..

सुविचार 4989

आप जितने लंबे समय तक अतीत में रहेंगे, _

_ आपको उतना ही कम भविष्य का आनंद लेना होगा.

सुविचार 4988

समाज एक ऐसा बाजार है , जहां सलाह थोक मेँ और सहयोग ब्याज पर उपलब्ध है.
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