सुविचार 4427
न अभाव में होता है, न प्रभाव में होता है,
जीवित वही है, जो अपने स्वभाव में होता है.
जीवित वही है, जो अपने स्वभाव में होता है.
मेरे ना होने के बाद दिखेगा..
_ मैं तो वो हूँ.. जिसे हर हाल में बस रोना था..!!
ये तो तुमारी नज़रो का जाम है, कही मिलता नहीं..।।”
_ परेशान वो हैं जो…दूसरों का मूल्यांकन करते हैं…!!
भय, लालच, क्रोध, कड़वाहट, जैसे नकारात्मक भाव प्रसन्नता का भाव कम कर देते हैं.!!
ग़िला भी कर सके उससे अब इतना भी हक़ ना रहा।”
रोज रात सोने से पहले एक बार सोचना चाहिए.
_ सुबह ज़रूर आएगी तो सुबह का इंतज़ार कर..