मस्त विचार 3791
_..कि जो होना था, हो ही गया….!!
_..कि जो होना था, हो ही गया….!!
_जहाँ तुलना की शुरुआत होती है, वहीं से आनंद और अपनापन खत्म होता है…
_ किन्हीं व्यक्तियों का जीवन एक जैसा दिखने पर भी एक समान प्रतिक्रिया नहीं होती.
_ एक समान दिखता वैभव-ऐश्वर्य किसी को लिप्त करता है, किसी में संतुष्टि और ऊब भरता है.
_किसी से किसी की तुलना करनी व्यर्थ है.
प्यार से जीना ही जीना है.
Living by intellect – by comparisons, calculations, schemes, concepts, ideas – is all a structure of pride in which there is not beauty or happiness – no life.
Living by love is living.
वो जो गलती ना करे कोई #फरिश्ता होगा..!!
लोग अक्सर खिले हुए फूलों को तोड़ देते हैं..
फिर विवेक साथ छोड़ देता है और अंत में जुबान बेकाबू हो जाती है !!
यही हमारे पतन का रास्ता बनता है.
” भावना गति से निर्मित होती है “
_ तो वे बहस नहीं करते हैं और खुश रहते हैं.!
_समय समय की बात है, वक्त सबका आता है…