सुविचार 4105
या ख़ुद के भविष्य बनाने में….मर्जी आपकी है..
या ख़ुद के भविष्य बनाने में….मर्जी आपकी है..
जब आप तनावमुक्त होते हैं और आप जो कर रहे हैं उसका आनंद लेते हैं तो आप सबसे अच्छा कर रहे होते हैं.
_ खुशी दिल में ये है कि हम चल पडे़ हैं,”
_इसलिए नहीं कि दुनिया आप को देख सके.
_उस बात को समझना बहुत मुश्किल होता है..
_ दूसरों में बुराई बताने में तो हर शख्स माहिर होता है.
_ये वो गुनाह है जिसका हिसाब होना ही होना है और वो भी रब के द्वारा..
_हम रूह की बातें करते हैं, तुम जिस्म पे अटके हो..
_ जिस प्रकार आग में तप कर सोना निखर कर कुन्दन बन जाता है, उसी तरह व्यक्ति कष्टों की आग में तप कर सोने जैसे व्यक्तित्व का स्वामी बन जाता है.
_ तराश रही है खुद ज़िंदगी निखर जाने के लिए.!!