मस्त विचार 3107
अपने आप को मुकम्मल किए बिना, हक़ीक़त दिखाई नहीं देती, क्योंकि
अभी जो दिखता है, वो तुम नहीं देख रहे होते हो__वो कोई और देख रहा होता है..
अभी जो दिखता है, वो तुम नहीं देख रहे होते हो__वो कोई और देख रहा होता है..
फिर भी कुछ ना कुछ बिखर ही जाता है..!!
इससे हमे हौसला मिलता है, उम्मीद मिलती है, हमे जीने की प्रेरणा मिलती है.
अगर बुरा हुआ है तो यह एक अनुभव है.
क्योंकि हमारे ध्यान दिये बिना विचारों के पास कोई शक्ति नहीं होती है.
तिनके कहां से लाते, अगर सदा, बहार रहती..!!
_ उससे ज्यादा आपकी जिन्दगी निकल रही है..
_ न किसी का इंतजार, न किसी की खोज..
वो आपको कभी भी जीवन में आगे नहीं बढ़ने देगा.
वक्त बीत जाता है, बातें याद रहती हैं.