मस्त विचार 3253
कोई हमदर्द ना था, कोई भी दर्द ना था.
अचानक…एक हमदर्द मिला, फिर उसी से हर दर्द मिला.
अचानक…एक हमदर्द मिला, फिर उसी से हर दर्द मिला.
_ जिसके लिए आप हमेशा हाजिर रहते हैं.
_ कि बारिश बन्द हो जाए तो छतरी भी बोझ लगने लगती है.
तो आज बैठे- बैठे अपना समय व्यतीत मत करो.
कौवों के टोकने से चील रुका नहीं करते !
अपनी पसन्द बदल लो, परछाई बदल जाएगी !!
क्योंकि हक़ीहत में कोई परवाह नही करता..!
सफलता दी हुई चीज नहीं है, अर्जित की हुई चीज है, _ तो जाओ, कड़ी मेहनत करो, और अपने सपनों को साकार करो !
यदि आप केवल तालियों के लिए खेलते हैं, तो आप अपनी खुशी दर्शकों के हाथों में रखते हैं.