मस्त विचार 3174
बेहद हदें पार की थी हमने कभी..किसी के लिए
आज उसी ने सिखा दिया हद में रहना…
आज उसी ने सिखा दिया हद में रहना…
बस इंसान उन्हें छुपाने के हुनर सीख जाता है.
कटु आलोचना के लिए स्वयं को सदैव प्रस्तुत रखिए ! “सांच को आंच नहीं”
अच्छे विचारों को अपने जीवन में आने दीजिए.
मैं अरसे से ख़ामोश हूँ, वो बरसों से बेख़बर है..
इसलिए बड़ा सोचें और रोज जीतने के लिए प्रयास करें.
_ उस बात को समझना बहुत मुश्किल होता है.