सुविचार 3322
_ लोग अपने दुखों से, अपने कामों से, दुखी नहीं _ जितना लोग _ कोई खा कमा रहे, मेहनत संघर्ष करने वालों से दुखी हैँ ;
_ लोग तो दूसरों से जलते हैं और दूसरों के काम को काम नहीं, _ दूसरों की मेहनत को मेहनत नहीं समझते हैँ.
_ लोग अपने दुखों से, अपने कामों से, दुखी नहीं _ जितना लोग _ कोई खा कमा रहे, मेहनत संघर्ष करने वालों से दुखी हैँ ;
_ लोग तो दूसरों से जलते हैं और दूसरों के काम को काम नहीं, _ दूसरों की मेहनत को मेहनत नहीं समझते हैँ.
और न ही किसी अन्य व्यक्ति को अपने लिए जीने के लिए कहूंगी.”
_ क्यों इतनी छोटी सी जिंदगी उनके पीछे बर्बाद करें ? क्यों न मस्ती में नाचें, गाएं और ऐश करें..
_ और जिन्हें माफ नहीं कर सकते उन्हें भूल जाओ.
लेकिन ये बात ध्यान रखनी चाहिए की एक ही भूल दोबारा ना हो.
_ ये सबसे घिनौनी हरकत में से एक है..!!!
वो भी लौट आयेंगे मेरे उगते सवेरों में…
एक महान दृष्टिकोण एक महान दिन बन जाता है, जो एक महान माह बन जाता है, जो एक महान वर्ष बन जाता है, जो एक महान जीवन बन जाता है.
_ सच ही कहूंगा, क्यूं इतना घबरा रहे हो..
_ इस लिए खुद को आईना समझकर दूसरों की कमियां बताने वाले लोग किसी को जज करना बन्द करें,
_ सभी की जिन्दगी एक जैसी नही होती, अलग अलग समस्याएं भी होती हैं,
_ बस फर्क है कि वक्त सही हो तो इंसान महान नजर आता है और वक्त खराब हो तो हैवान !