मस्त विचार 2791
बिना अल्फ़ाज़ों के कहती हैं बड़ी गहरी बातें।
हैं बादल भी मेरे हमराज़ सुनते हैं वो भी मेरी बातें,
चुपके से वो कहीं दूर फिर बरसा जातें हैं राज़ की बातें।
बिना अल्फ़ाज़ों के कहती हैं बड़ी गहरी बातें।
हैं बादल भी मेरे हमराज़ सुनते हैं वो भी मेरी बातें,
चुपके से वो कहीं दूर फिर बरसा जातें हैं राज़ की बातें।
और सबको मेरी जरुरत है यह भ्र्म है.
जब अपनों से उम्मीद कम हो गयी.
” बीज ” को ” दफन ” होना पड़ता है.
जीवन हमेशा आपके लिए चीजों को कठिन बनाने की कोशिश करेगा, लेकिन हर बार जब आप बाधाओं को पार करते हैं, तो आप और भी मजबूत होकर निकलते हैं.
आप स्वयं में जैसे हैं एकदम सही हैं. खुद को स्वीकारिये.
अच्छे इंसान से बदला लेते हैं.
कि वो खुद को भी छल लेता है, और खुद को पता भी नहीं लगने देता.
कैद हैं आप अपने ही, नजरिये के पिंजरे में.