सुविचार – 2021 नया साल – 2936

2020 बीत तो गया परन्तु जो दर्द दे गया वो आजीवन साथ रहेगा…

खैर ! 2021 नए साल का आगाज है,

हम सकारात्मक सोच एवंम जोश भरी उम्मीदों के साथ आगे बढ़ेंगे.. पिछले साल के ऐवज में उम्मीद है यह साल बेहतरीन जाएगा..

नए साल के लक्ष्य बनाएं. अपने भीतर खोदो और पता लगाओ कि इस वर्ष आप अपने जीवन में क्या घटित होना चाहेंगे ; _इससे आपको अपना काम करने में मदद मिलती है. यह इस बात की पुष्टि है कि आप आने वाले वर्ष में जीवन को पूरी तरह से जीने में रुचि रखते हैं.

Make New Year’s goals. Dig within, and discover what you would like to have happen in your life this year. This helps you do your part. It is an affirmation that you’re interested in fully living life in the year to come. _ Melody Beattie

नया साल किताब के एक अध्याय की तरह हमारे सामने खड़ा है, जो लिखे जाने का इंतज़ार कर रहा है; _ हम लक्ष्य निर्धारित करके उस कहानी को लिखने में मदद कर सकते हैं.

The new year stands before us, like a chapter in a book, waiting to be written. We can help write that story by setting goals. – Melody Beattie

और अब हम नए साल का स्वागत करते हैं, ऐसी चीजों से भरा हुआ जो कभी नहीं रही.!!

And now we welcome the new year, full of things that have never been. – Rainer Maria Rilke

नए साल का अभिनन्दन और हमारे लिए सब कुछ सही करने का एक और मौका – ओपरा विनफ्रे
साल का अंत ना तो अंत है ना ही शुरुआत, बल्कि ये तो

अपने अनुभव से मिलने वाले विवेक के साथ आगे बढ़ते जाना है !! – हाल बोलैंड

नए वर्ष का दिन सभी का जन्मदिन होता है. – चार्ल्स लैम्ब

मस्त विचार – 2021 नया साल – 2811

मिजाज मस्ती का खुशहाल नया लाया है सुहाने ख्वाब का कमाल नया लाया है !

दिलो को ख्वाहिशों को और हवा दे देना आपके वास्ते यह साल नया आया है !

इन ठंढी हवाओं को महसूस करते हुए आज एहसास हुआ,

मानो जैसे जनवरी को बेहद तकलीफ़ हुई है दिसम्बर के गुजर जाने का….

सुनहरी धूप बरसात के बाद, थोड़ी सी हंसी हर बात के बाद,

उसी तरह मुबारक हो आपको 2021, 2020 के बाद !

ये साल हमारी किस्मत को कुछ नए ढंग से आंकेगा,

ये साल हमारी हिम्मत में कुछ नए सितारे टाँकेगा,

इस साल अगर हम अंदर से दुःख की बदली को हटा सके,

तो मुमकिन है इसी साल हम सबमें सूरज झांकेगा..

कोई मुसीबत ना किसी के पास आये,

खुदा करे ये नया साल आप सबको रास आये.

सिर्फ # साल बदल रहा है..

बाकी # करतुते तो # हमारी वही रहने वाली है__!!

बीत गया जो साल उसे भूल जाइये,

इस नए साल को गले लगाइये..

इस बार साल नहीं, हाल बदलना चाहिए.
बीत गया जो साल, भूल जाएं

अब नए साल को गले लगाएं !

करते हैं दुआ हम रब से सर झुका के,

इस साल के सारे सपने सबके पूरे हो जाएं !

इस नये साल में खुद को भी एक गिफ्ट देना है,

थोड़ा खयाल अपने आप का भी रखना है.

जो चले गए उनको ना याद कीजिए ;

नए साल में नई शुरुआत कीजिए…

बहुत आशायें है तेरे से ऐ 2021,

उम्मीद है कि तू 2020 की तरह ना निकले.

बदलते साल से जरूर कुछ सीखना..

Fake लोगों से हमेशा 2 गज दूरी बनाकर रखना…

भूल जाओ बीते हुए कल को, दिल में बसा लो आने वाले कल को.
दुनिया ऐसे मुकाम पे है, जहां …. ज़िंदा रहना ही कामयाबी है …
जिन्दगी तो खत्म नहीं हुई, लेकिन मज़े खत्म जरूर हो गये..
देखते ही देखते फिर से नया साल आ गया,

मेरे ख़्वाब मेरे सपने वही रह गए और..

मैं अपनी कल्पनाओं में ही खो के रह गया,

फिर वही नयी उम्मीदें, नयी कल्पना लिए,

देखते ही देखते फिर से नया साल आ गया,

कुछ नया ना होगा, रह जायेंगे सपने अधूरे,

बदल के साल का नंबर एक और साल चला गया,

बदले मेरी ज़िन्दगी का भी रंग कुछ इस तरह,

और कहु देखों, मेरा भी साल नया आ गया,

फिर वही नयी उमीदें, नयी कल्पना लिए,

देखते ही देखते फिर से नया साल आ गया.

सुविचार – साल 2020 गुजर गया – 2935

दर्द देखते देखते ये साल गुजर गया,

क्या तेरा, क्या मेरा, सबका एक जैसा हाल गुजरा..

कल, 365 पेज वाली किताब का पहला सादा पन्ना है, इसे अच्छे से लिखना.
उबलते हुए आंसुओं के प्याले लेकर लौटे हैं..

निवाले कमाने गये थे पर छाले लेकर लौटे हैं,

पूरी दुनिया का “सन्नाटा” बता रहा है,,,,

“बादशाहत” सिर्फ मेरे रब की है..!!!

कुछ सीखा कर ये दौर भी गुजर जाएगा..

_ फिर एक बार हर इंसान मुस्कराएगा..

_ मायूस न होना यारों..

_ ये बुरा वक़्त भी कुछ ना कुछ जीने का नया तरीका सीखा कर जाएगा,!!

Collection of Thought 752

Don’t say you’re happy because everything is alright, but be happy because while everything is complicated, you’re still doing fine.

यह मत कहो कि तुम खुश हो क्योंकि सब कुछ ठीक है, लेकिन खुश रहो क्योंकि जब सब कुछ जटिल है, तब भी तुम ठीक कर रहे हो.

मस्त विचार – साल 2020 गुजर गया – 2810

चाहे तू कैसा भी गुजरा हो 2020 ;

लेकिन सिखा तूने बहुत कुछ दिया..

कुछ दिन जरूरतों पर खर्च कीजिए, शौक पर नहीं..

कुछ दिन समझौते कीजिए, शिकायत नहीं..

कुछ दिन समझदारी दिखलाइये, गुस्सा नहीं..

बस कुछ दिन की ही तो बात है भैया…

ए गुजरे हुए साल भले ही कुछ ना दिया हो तूने,

पर जाते जाते जिंदगी के बहुत सारे सबक दे गया..

ये साल तो दूरियों में ही बीत गया ,

यारों_ दुआ करना अगला साल मुलाकातों में बीते..!!

जाने क्या घुला इस साल, इस बार फिज़ा में,

ये आंखें इसी साल में कई बार भरी हैं,

आंखें तो यूं भी पहले भी भरती रहीं अक्सर,

पर इस बरस ये आंखें लगातार भरी हैं.

हर दौर कभी तो ख़त्म हुआ ही करता है,

हर कठिनाई कुछ राह दिखा ही देती है.

हाथो से छूटे हाथ दिलो में एक टीस दे गया,

दुनिया को बहुत दर्द 2020 दे गया.

तेरा शुक्रिया भी अदा करते हैं 2020,

क्योंकि तूने हमें मजबूत भी बनाया है..

क्या सिखा गया 2020 : सबसे बड़ी चुनौतियां ही भविष्य की नींव रखती हैं,

ये वक्त भुलाइये नहीं…..इसकी सीख हमेशा याद रखिए.

2020 एक सख्त अध्यापक की तरह है,

जिसके सबक हमें उम्रभर काम आएंगे.

वैसे तो पूरा साल दो गज़ दूरी में रखा गया ……साहेब…

पर यह साल #अपनों के साथ रहना सीखा गया !

क्या अजीब दौर आया है, ” जो बीमार है, वह अकेला रहेगा “

” और जो अकेला रहेगा, वह कभी बीमार नहीं होगा “

पूरी क़ायनात में यह क़ातिल बीमारी की हवा हो गई,,

वक़्त ने कैसा सितम ढाया की दूरियां ही दवा हो गईं,,,

बड़ा रंगीन रहा ये साल,

हर किसी ने अपना रंग दिखाया..

आप तो साल बदलता देख रहे हैं ..

मैंने तो साल भर, लोगों को रंग बदलते देखा है ..

अच्छा रहेगा कि ये साल फिर दुबारा लौट के न आए ,

क्यूंकि इस साल में ना जाने कितनो के चेहरे से नकाब उतर गए जनाब ,

वो अच्छा था कि कम से कम दिखावे के लिए ही सही अपने तो कहलाते थे.

हवाओं से कह दो, रुख बदल दे अपना

हम एक साथ इतने लोगों का दुख न देख पायेंगे

बहुत कुछ सिखा दिया हालातों ने, और बाद में सीख जायेंगे.

2020 से एक सबक मिला,

लोगों से दूर रहने में ही फायदा है..

2020 ने हम सबको सिखाया कि छुट्टियां लिमिट में ही अच्छी लगती हैं..
दिसम्बर की तरह हम भी अलविदा कह देंगे एक दिन,

फिर ढूंढ़ते फिरोगे हमें जनवरी की सर्द रातों में…

इतना कुछ समेटा था खुद में,

इस एक साल ने जैसे सब कुछ छीन लिया..

कुछ अपनों को पराया तो कुछ परायों को अपना कर गया,

देखते ही देखते एक और साल गुजर गया.

दिसंबर तुझसे भी कोई शिकायत नहीं,

मेरी बर्बादी में शामिल पूरा साल रहा..

कौन कहता है वक़्त मरता नहीं,

हमने सालों को ख़त्म होते देखा दिसम्बर में !

समझ नहीं आता है कि नए साल का लोग इतनी बेसब्री से क्यों इंतज़ार करते हैं~

जबकि करना अगले साल भी कुछ नहीं..!!!

थोड़ा सा हसा के, थोड़ा सा रूला के

साल ये भी जाने वाला है.

अजीब सा वक़्त है…..

कट कम रहा है….काट ज्यादा रहा है…

हाल बदले तो कुछ बात बने,

साल तो हर साल बदलता है.

भुला दो बीता हुआ कल, दिल में बसाओ आने वाला कल,

हंसो और हँसाओ, चाहे जो भी हो पल, खुशियाँ लेकर आयेगा आने वाला कल..

मिले ज़ख़्म इस साल जितने हमें…

चलो जश्न उनका मनाऐं कहीं…

कुछ ही लम्हों में साल होगा नया…

चलो हँस के लम्हे बिताऐं कहीं….

आज साल का आखिरी दिन है, कल नया साल हो जायेगा ..

झूम लो, गा लो, माफ कर दो, मना लो, हँस लो …

क्योंकि ये साल फिर लौट के ना आएगा..

दरख़्त ए ज़िन्दगी से इक और पत्ता टूट कर गिर गया,

साल ऐसे गुज़रा जैसे कोई मेहमॉं आकर वापस अपने घर गया..

कोई हार गया, कोई जीत गया,

ये साल भी आखिर बीत गया..!!

बूढ़ा दिसम्बर जवाँ जनवरी, के कदमों में बिछ रहा है ;

लो इक्कीसवीं सदी को, इक्कीसवाँ साल लग रहा है.

सूरत के शौकीनों को सीरत सिखा गया,

हर हसीं चेहरों पे नक़ाब पहना गया,

इंसान से इंसान को दूर दूर करके, फासलों के दरमियाँ,

सलीका प्यार का सिखला गया !!

साल जैसा भी था 2020 गुज़र गया, चला गया !!

साल की आखिरी रात जाते जाते ये आशीर्वाद दे जाये…

कल का सबेरा हो खूबसूरत, और हर घर में खुशियां छाये…

साल निकल रहा है,…..,

कुछ नया होता है .. कुछ पुराना पीछे रह जाता है,

कुछ ख्वाहिशें दिल में रह जाती हैं .. कुछ बिन मांगे मिल जाती हैं ..

कुछ छोड़ कर चले गये .. कुछ नये जुड़ेंगे इस सफर में ..

कुछ मुझसे खफा हैं … कुछ मुझसे बहुत खुश हैं ..

कुछ मुझे भूल गये .. कुछ मुझे याद करते हैं ..

कुछ शायद अनजान हैं .. कुछ बहुत परेशान हैं,,

कुछ को मेरा इंतजार है .. कुछ का मुझे इंतजार है ..

कुछ सही है .. कुछ गलत भी है.

कोई गलती हो तो माफ कीजिए ..और

कुछ अच्छा लगे तो याद कीजिये..

कितना अजीब है ना,

*दिसंबर और जनवरी का रिश्ता ?*
जैसे पुरानी यादों और नए वादों का किस्सा…
दोनों काफ़ी नाज़ुक हैं
दोनो में गहराई है,
दोनों वक़्त के राही हैं,
दोनों ने ठोकर खायी है…
यूँ तो दोनों का है
वही चेहरा-वही रंग,
उतनी ही तारीखें और
उतनी ही ठंड…
पर पहचान अलग है दोनों की
अलग है अंदाज़ और
अलग हैं ढंग…
एक अन्त है,
एक शुरुआत
जैसे रात से सुबह,
और सुबह से रात…
एक में याद है
दूसरे में आस,
एक को है तजुर्बा,
दूसरे को विश्वास…
दोनों जुड़े हुए हैं ऐसे
धागे के दो छोर के जैसे,
पर देखो दूर रहकर भी
साथ निभाते हैं कैसे…
जो दिसंबर छोड़ के जाता है
उसे जनवरी अपनाता है,
और जो जनवरी के वादे हैं
उन्हें दिसम्बर निभाता है…
कैसे जनवरी से
दिसम्बर के सफर में
११ महीने लग जाते हैं… लेकिन
दिसम्बर से जनवरी बस १ पल में पहुंच जाते हैं !!
जब ये दूर जाते हैं
तो हाल बदल देते हैं,
और जब पास आते हैं
तो साल बदल देते हैं…
देखने में ये साल के महज़
दो महीने ही तो लगते हैं,
लेकिन…
सब कुछ बिखेरने और समेटने
का वो कायदा भी रखते हैं…
दोनों ने मिलकर ही तो
बाकी महीनों को बांध रखा है।
अपनी जुदाई को
दुनिया के लिए
एक त्यौहार बना रखा है..!

 

सुविचार 2934

मुट्ठी भर लोग ही इस जगत में ज्ञान को उपलब्ध हुए हैं,,,

बाकी दुनिया को ज्ञान का केवल भ्र्म है,,,,

सुविचार 2933

ध्यान रहे, अगर दुनिया से अलग बनना है तो दुनिया से अलग करना भी होगा.

सुविचार 2932

ज़िन्दगी छोटी है नहीं, बल्कि लगती है,

क्योंकि यहां समय का सदुपयोग कम दुरूपयोग ज्यादा है.

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