सुविचार 2858
गवाहों की जरुरत नहीं होती.
गवाहों की जरुरत नहीं होती.
जब सबको ही मेरे रब ने बनाया.
देख कर दिलों में भेद की दीवार,
कभी मैं रोया कभी मुस्कुराया.
हर वक़्त वाह वाह की ख्वाहिश नहीं होती.
मैंने मुस्करा के कहा….अपनी औकात में..!!
वो देगा तभी जब होगी उसकी मर्जी !!
मैं उठा लाया हूँ झाड़कर खुद को..!!
शुक्र करो ऊपरवाले ने आपको देने वालों में रखा है, मांगने वालों में नहीं.
_ जीवन हर समय _ नयी चुनौतियां आपके सामने रखेगा _ और आपको अपनी साझदारी से _ सही निर्णय लेने होंगे !
_यह दुनिया अस्थायी चीज़ों पर टिकी हुई है, इसीलिए डांवाडोल है.
आज तेरा है, कल मेरा भी आएगा.