मस्त विचार 2733

किसे कहूँ अपना किसे कहूँ पराया,

जब सबको ही मेरे रब ने बनाया.

देख कर दिलों में भेद की दीवार, 

कभी मैं रोया कभी मुस्कुराया.

सुविचार 2856

मन्नत के धागे बांधो या मुरादों की पर्ची,

वो देगा तभी जब होगी उसकी मर्जी !!

सुविचार 2855

अगर कोई आपसे कुछ मांगे तो दे दिया करो,

शुक्र करो ऊपरवाले ने आपको देने वालों में रखा है, मांगने वालों में नहीं.

सुविचार 2854

जीवन किसी के लिए भी स्थायी नहीं है _ ना अमीरों के लिए ना गरीबों के लिए..

_ जीवन हर समय _ नयी चुनौतियां आपके सामने रखेगा _ और आपको अपनी साझदारी से _ सही निर्णय लेने होंगे !

यहाँ कुछ भी स्थायी नहीं है.

_यह दुनिया अस्थायी चीज़ों पर टिकी हुई है, इसीलिए डांवाडोल है.

सब कुछ अस्थायी है, इसलिए कोशिश करें कि आप ज़्यादा न उलझें !
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