मस्त विचार 2571
आज आईने के सामने खड़े हो कर खुद से माफ़ी मांग ली मैंने,
सब से ज्यादा खुद का ही दिल दुखाया है दूसरों को खुश करने में.
सब से ज्यादा खुद का ही दिल दुखाया है दूसरों को खुश करने में.
सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ…
एक मजबूत, सकारात्मक आत्म-छवि सफलता के लिए सर्वोत्तम संभव तैयारी है.
जिंदगी आज तेरी खमोशी के चर्चे हैं…
लेकिन उनका लगातार बरसना ; बड़ी नदी का बहाव बन जाता है..
दिल को खूबसूरत बनाइये, जो मरते दम तक जवान रहता है !!
क्योंकि अनुमान हमारे मन की ‘कल्पना’ है, और अनुभव हमारे जीवन की ‘सीख’.
पर पहले की चोटें भी बेकार नहीं जाती.