सुविचार 2674
लेकिन सब के पास समान *दृष्टिकोण* नही.!!!
लेकिन सब के पास समान *दृष्टिकोण* नही.!!!
*दूसरों की “फ़िक्र” में कुछ* *करके देखिए -“सुकून”- मिलेगा…….!*
मगर ये सब मुमकिन नहीं हवाओ से रिश्ता किये बगैर.
करना है तो रब से करो दुआ में हिम्मत दे हर दर्द सहने की.
_ क्योंकि वे दूसरों को अपनी समस्याओं से परेशान नहीं करना चाहते हैं..!!
हर राह में….. तुझे ही ढूँढा हैं मैंने…
जलने वाली चीज एक दिन राख हो जाती है _ चाहे वो अहंकार या वस्तु हो या इंसान..
जो अच्छे भविष्य का आनंद उठाएगा _ उसे अपने वर्तमान में से कुछ भी बर्बाद नहीं करने देना चाहिए.
तो अपने जीवन से कभी भी संतुष्ट नहीं हो सकते.