मस्त विचार 2530
वरना इन आँखों से गिरने वाले आंसुओं का भी,
एक अलग ही समुन्दर होता.
वरना इन आँखों से गिरने वाले आंसुओं का भी,
एक अलग ही समुन्दर होता.
..कम ही ऐसे क्षण होते हैं जब मैं इन पर अडिग रहता हूँ,
वास्तव में मैं अपने जीवन मे स्थिर नहीं हूँ,
कई दफ़ा मैंने कई ऐसे निर्णय लिए हैं जो उल्टे मुझ पर ही भारी पड़े हैं और मैं उसे ड्राप कर दिया हूँ, ख़ैर! यह जीवन है..।।
यह हमारी पसंद है, जो दिखाती है कि हम वास्तव में क्या हैं, हमारी क्षमताओं से कहीं ज्यादा.
अगर कहूँ के उदास हूँ मैं….
क्योंकि तभी वह सफलता का आनंद ले सकता है.
पर हम उस दर्द को समय के साथ साथ सहने के आदी हो जाते हैं.
तो आप अपने लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर सकोगे.
जिसके पास वक़्त नहीं तेरे लिए, वो इतना ख़ास क्यों है।…….
तब तक आपको पता नहीं चलेगा की आप कितने मजबूत हो.
क्योकि उन ख्वाहिशों के कारण जिन्दगी जीने की चाहत बनी रहती है.