सुविचार 2730
ख़ुशी तब मिलेगी, जब आप जो सोचते हैं,
जो कहते हैं, और जो करते हैं. सामंजस्य में हो.
जो कहते हैं, और जो करते हैं. सामंजस्य में हो.
मेरी परवारिश ही दर्द ने की है.
और हकीकत ने चुप रह कर जीना सीखा दिया.
जो एक दिन आपको मंजिल तक ले जायेंगे.
जान पहचान होने के बाद तो वो भी बुरे लगने लगते हैं.
_ मन को व्यर्थ की उलझनों में फँसने नहीं दो.
और लोग कहते हैं हम बड़े हो गए, हमने जिंदगी संभाल ली.
जब तक आप सच्चाई का सामना नहीं करते तब तक आप खुद को जान नहीं पाते.