मस्त विचार 2600
शिकायत छोड़िए शुक्रिया अदा कीजिए,
आपके पास जितना है, न जाने कितनों के पास उतना भी नहीं.
आपके पास जितना है, न जाने कितनों के पास उतना भी नहीं.
जो खुद को नहीं जानते.
वरना यूँ समझ लो कि वो जबरदस्ती ज़िंदा है.
वो अपनी इज्जत को उतना ही महफूज रखता है.
ज़िन्दगी रह गई.. भारी भारी….
दृष्टिकोण के बदलते ही, आपका कार्य एक उत्सव में बदल जाता है, जीवन की पूरी दिशा बदल जाती है.
तुम इक दफ़ा मुझसे, मिलना कभी !!
उनमे उतरो, और अपनी सामर्थ्य को चुनौती दो,
तुम हैरान रह जाओगे की कितनी सामर्थ्य है तुममें.
वक्त ही तो है….बदल जाएगा…
किन्तु किसी को दुख न पहुँचे, यह तो आप के हाथ में ही है !!!