सुविचार 2659
वह हमेशा समस्या के बारे में सोचता है, ना कि ये की समस्या का हल कैसे निकलेगा.
वह हमेशा समस्या के बारे में सोचता है, ना कि ये की समस्या का हल कैसे निकलेगा.
_ इस भीड़ से भरी दुनिया में, लोग ढोंग रचा रहे हैं..!!
__ ये दौर अलग है, अब यहाँ लोग अलग हैं..!
क्योंकि ज्यादातर लोग दूसरों की कमजोरियों का फायदा उठाते हैं.
हमेशा यही सोचो कैसे होगा.
आज वो फुर्सत में बैठकर सोचते हैं जीना कैसे है..!!
वरना इन आँखों से गिरने वाले आंसुओं का भी,
एक अलग ही समुन्दर होता.
..कम ही ऐसे क्षण होते हैं जब मैं इन पर अडिग रहता हूँ,
वास्तव में मैं अपने जीवन मे स्थिर नहीं हूँ,
कई दफ़ा मैंने कई ऐसे निर्णय लिए हैं जो उल्टे मुझ पर ही भारी पड़े हैं और मैं उसे ड्राप कर दिया हूँ, ख़ैर! यह जीवन है..।।