सुविचार 2496
और अगर 24 घंटे आप कुछ ना कुछ सिख रहे हो,
तो आप Notice करेंगे कि आप धीरे-धीरे अंदर से, Better होते चले जाओगे.
और अगर 24 घंटे आप कुछ ना कुछ सिख रहे हो,
तो आप Notice करेंगे कि आप धीरे-धीरे अंदर से, Better होते चले जाओगे.
मेरे अपने ही हर दिन मुझको थोड़ा- थोड़ा काटते रहे…
कुछ पराये अपने हुए, कुछ अपनों का रंग बदलता रहा…
एक वो जिनकी उम्र अधिक है,
दूसरे वो जिसने कम उम्र में ही बहुत सी ठोकरें खायी हैं…
बस अंदर से आवाज़ आनी चाहिये.
जो सिख रहा है वो जिंदा है,
जिसने सीखना बंद कर दिया वो जिंदा लाश है.
मुझे क्या काम करना चाहिए,
मुझे यह काम कैसे करना है,
तो कौन ऐसे व्यक्ति को हिला पायेगा.
लिखा तो है सफ़र मगर मंज़िल का निशान नहीं.
कल जो रंग थे, आज दाग हो गये.
कभी-कभी हमारे जीवन में घटित होने वाली बुरी चीजें _ हमें सीधे उन सर्वोत्तम चीजों की राह पर ले जाती हैं _जो हमारे साथ कभी भी घटित होंगी.