सुविचार 2601
मान लेना हर किसी के बस की बात नहीं.
मान लेना हर किसी के बस की बात नहीं.
इंसान वो, जो बुरे वक़्त में साथ मिलकर
फिर अच्छे वक़्त को वापस लाए.
चार दिन की ज़िन्दगी है, चैन से बसर कीजिये…
न परेशान किसी को कीजिये,न हैरान किसी को कीजिये,
कोई लाख गलत भी बोले, बस मुस्कुरा कर छोड़ दीजिये…
न रूठा किसी से कीजिये, न झूठा वादा किसी से कीजिये,
कुछ फुरसत के पल निकालिये, कभी खुद से भी मिला कीजिये.
वो भी मेरी ही तरह शहर में तन्हा होगा –
– निदा फाजली
अपने आप को एक रंग के रूप में देखें, _ आप हर किसी के पसंदीदा नहीं हो सकते हैं, लेकिन एक दिन आप किसी ऐसे व्यक्ति से मिलेंगे, जिसे अपनी तस्वीर को पूरा करने के लिए आपकी आवश्यकता होगी.
आँखों को ये हुनर कभी आया ही नहीं…
लेकिन हमारे पास वो शब्द ही नहीं होते जो हमें सही साबित कर सकें.
सब नाच रहे हैं
कुछ अपनी मर्जी से कुछ किस्मत की मर्जी से.
पर इतनी नहीं की जिंदगी तमाम हो जाए !!
जो इस दौर में भी आपको वक़्त देता है.