सुविचार 2519
बदल जाते हैं लोग ये बात सच है,
मैंने खुद देखा है भरोसा करके.
मैंने खुद देखा है भरोसा करके.
परहेज है जिससे मुझे, उसी तरफ खिंचाव है.
ज़िन्दा रहने के लिए बहुत सारा पीना पड़ता है.
_ क्योंकि मनुष्य के वचन फल के समान होते हैं, उन्हें परिपक्व होने के लिए पर्याप्त समय चाहिए.
क्योंकि वो दूसरों की नकल करते हैं पर वे यह नहीं समझते कि सभी के प्रश्न पत्र भिन्न हैं.
_ वरना खुद्दार मुसाफ़िर हूँ,,,, गुज़र जाऊँगा ..