Collection of Thought 622
अपनी अनंत क्षमता पर विश्वास करें, _ आपकी केवल वही सीमाएँ हैं जिन्हें आपने स्वयं पर निर्धारित किया है.
अपनी अनंत क्षमता पर विश्वास करें, _ आपकी केवल वही सीमाएँ हैं जिन्हें आपने स्वयं पर निर्धारित किया है.
और अंजाम यह रहा कि हम तैराक बन गए.
मन की इच्छाएं श्रेष्ठ कर्मो में, अच्छे कर्मो में अक्सर बाधा खड़ी करती हैं, अतः श्रेष्ठ कर्मो को सर्वोपरि मानने वाले इच्छा से रहित होते हैं, जो योग्य है वही कर्म करते हैं ! इच्छा शेष होना, इच्छा रहित होना जीवन की श्रेष्ठतम उपलब्धि है !!!
मगर आइनों सी साफ़ जिन्दगी जीता नहीं है कोई.
सिर्फ वही मार्ग सही है … जिस पर तुम चलते रहो …. और कभी रुको न.
दर्द का अहसास तो तब हुआ जब तीरों की कमान अपनों के हाथो में देखी !
कि धूप कितनी भी तेज हो समुन्द्र कभी सुखा नहीं करते !