मस्त विचार 2228
दर्जा तुम्हारा यकीनन खुदा का हो चला है…
दर्जा तुम्हारा यकीनन खुदा का हो चला है…
तेरे खिलाफ हरेक बेजबान बोलेगा…
हमारी चीख कभी बेअसर नहीं होगीं,
ज़मीं खामोश सही आसमान बोलेगा…
उसे बहने दीजिये वो अपना रास्ता खुद बना लेगा,
कभी कभी जब परिस्थितिया समझ में ना आये तो,
जो कुछ जीवन में घटित हो रहा है उसे शांत भाव व
तटस्थ होकर बस देखना चाहिए,
समय आने पर जीवन अपना मार्ग खुद बना लेगा !!
तरीका तुमने बदला तो, सलीका हम बदल बैठे.
बातो से छूटा तो आँखो मे रह जाता है,
ऑखो से छूटा तो यादो मे रह जाता है.
बस अंतर तो सिर्फ इतना है कि
तकदीर के फैसले हमें पसंद नहीं आते
और हमारे फैसले तकदीर पसंद नहीं करती…
गलतियाँ करते हुए बिताया गया जीवन, कुछ न करते हुए व्यतीत जीवन से अधिक सम्मानजनक है.
इसलिए मुसीबत अकेले नहीं आती है.