सुविचार 2162

जीवन में कोई भी कठिनाई क्यों न हो, हम शांत रहें तो हर समस्या का हल मिल जाता है.

सुविचार 2161

मन की गति असीम और अनंत है. इस पर नियंत्रण न कर पाना ही असंतोष और अनेक दुःखों का कारण है, साथ ही शायद अनंत संभावनाओं और उपलब्धियों का भी.

सत्य है, मन के हारे हार है; मन के जीते जीत.

खुद को सजाएं

परिवार वालों की उपेछा के कारण ही बहुत लोगों की मृत्यु हो जाती है. हम इंसानों द्वारा स्वास्थ और उम्र को लेकर बहुत- सी लापरवाहियां की जाती हैं. अगर शरीर में थोड़ी भी लापरवाही हुई, तो शरीर नष्ट हो सकता है. जो लोग नौकरी से रिटायर करते हैं, उन्हें सरकार पेंशन इसलिए देती है कि वे बुढ़ापे में सुख से जी सकें. लेकिन आश्चर्य तब होता है, जब ये लोग पेंशन का पैसा अपने बच्चों को दे देते हैं और खुद चाय पीने के लिए किसी फुटपाथ की दुकान पर बैठ जाते हैं. ऐसे ही लोग असमय मरते हैं.

सलिए ऐसे उम्र गुजारने से बचिए, लोग उम्र के बढ़ते ही शौक एवं श्रृंगार छोड़ देते हैं, अपने शरीर की देखभाल करना छोड़ देते हैं. लेकिन आपको चाहिए कि अपने शरीर की पूरी तरह देखभाल करें.आप अपने मन से ये भाव निकाल दें कि आप अब बूढ़े हो रहे हैं, खाने- पीने और रंग- बिरंगे कपड़े पहनने का समय अब नहीं रहा. ऐसा विचार मन में कभी न आने दें. ऐसे ही विचारों से मनुष्य बूढ़ा होता है और असमय मर भी जाता है.

 

विश्व कवि रवि बाबू जब बूढ़े हो गए, तो उनके सारे बाल सफेद हो गए. तब भी वे हमेशा सज- धज कर बाहर निकलते थे. वे कहते थे कि हमें कोई अधिकार नहीं कि अब हम अपना कुरूप चेहरा किसी को दिखाएं. वे कहते थे कि जवानी में मनुष्य कैसे भी रहे, सुंदर लगता ही है. लेकिन बुढ़ापे में जब शरीर कमजोर हो जाए, तो सुंदर वस्त्र पहनना चाहिए. शरीर को सजा कर रखना चाहिए, ताकि बुढ़ापे के शरीर की कुरूपता ढक सके. क्योंकि कपड़े अपने लिए कम पहने जाते हैं, दूसरों की ऑंख ढकने के लिए अधिक पहने जाते हैं.

जो लोग भी अपने जीवन से प्यार करते हैं, अच्छा भोजन करते हैं और हमेशा अपने शरीर को सजाकर रखते हैं, ताकि लोग उनसे प्यार कर सकें. कुरूप व्यक्ति से कभी कोई प्यार नहीं करता. स्वयं को कुरूप बनाकर रखने का अर्थ है कि अब हम जीवन से निराश हो चुके हैं, और अब हम जीना नहीं चाहते हैं.

—-आचार्य सुदर्शन

सुविचार 2160

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सफलता को डिग्रियों या पारिवारिक पृष्ठभूमि से नहीं नापा जाता , आप कितना बड़ा सोचते हैं ,यही आपकी उपलब्धियों का आकार तय करता है.

Quotes by जॉर्ज कॉर्लिन

बढ़ती उम्र पर ” जॉर्ज कार्लिन ” की सलाह

कैसे बने रहें – चिरयुवा

1. फालतू की संख्याओं को दूर फेंक आइए। जैसे- उम्र, वजन, और लंबाई। इसकी चिंता डॉक्टर को करने दीजिए। इस बात के लिए ही तो आप उन्हें पैसा देते हैं।

2. केवल हँसमुख लोगों से दोस्ती रखिए। खड़ूस और चिड़चिड़े लोग तो आपको नीचे गिरा देंगे।

3. हमेशा कुछ सीखते रहिए। इनके बारे में कुछ और जानने की कोशिश करिए – कम्प्यूटर, शिल्प, बागवानी, आदि कुछ भी। चाहे रेडियो ही। दिमाग को निष्क्रिय न रहने दें। खाली दिमाग शैतान का घर होता है और उस शैतान के परिवार का नाम है – अल्झाइमर मनोरोग।

4. सरल व साधारण चीजों का आनंद लीजिए।

5. खूब हँसा कीजिए – देर तक और ऊँची आवाज़ में।

6. आँसू तो आते ही हैं। उन्हें आने दीजिए, रो लीजिए, दुःख भी महसूस कर लीजिए और फिर आगे बढ़ जाइए। केवल एक व्यक्ति है जो पूरी जिंदगी हमारे साथ रहता है – वो हैं हम खुद। इसलिए जबतक जीवन है तबतक ‘जिन्दा’ रहिए।

7. अपने इर्द-गिर्द वो सब रखिए जो आपको प्यारा लगता हो – चाहे आपका परिवार, पालतू जानवर, स्मृतिचिह्न-उपहार, संगीत, पौधे, कोई शौक या कुछ भी। आपका घर ही आपका आश्रय है।

8. अपनी सेहत को संजोइए। यदि यह ठीक है तो बचाकर रखिए, अस्थिर है तो सुधार करिए, और यदि असाध्य है तो कोई मदद लीजिए।

9. अपराध-बोध की ओर मत जाइए। जाना ही है तो किसी मॉल में घूम लीजिए, पड़ोसी राज्यों की सैर कर लीजिए या विदेश घूम आइए। लेकिन वहाँ कतई नहीं जहाँ खुद के बारे में खराब लगने लगे।

10. जिन्हें आप प्यार करते हैं उनसे हर मौके पर बताइए कि आप उन्हें चाहते हैं; और हमेशा याद रखिए कि जीवन की माप उन साँसों की संख्या से नहीं होती जो हम लेते और छोड़ते हैं बल्कि उन लम्हों से होती है जो हमारी सांस लेकर चले जाते हैं.

हमें प्रतिदिन का जीवन भरपूर तरीके से जीने की आवश्यकता है।

जीवन की यात्रा का अर्थ यह नहीं कि अच्छे से बचाकर रखा हुआ आपका शरीर सुरक्षित तरीके से श्मशान या कब्रगाह तक पहुँच जाय। बल्कि आड़े-तिरछे फिसलते हुए, पूरी तरह से इस्तेमाल होकर, सधकर, चूर-चूर होकर यह चिल्लाते हुए पहुँचो – वाह यार, क्या यात्रा थी !

मूर्खों की ताक़त को कभी भी हल्के में मत लो, विशेष रूप से तब जब वो समूह में हों.

Collection of Thought 602

Give your hands to serve and your hearts to love.

सेवा करने के लिए अपने हाथ दो और अपने दिल को प्यार करने के लिए.

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