सुविचार 2118

असल में कोई भी व्यक्ति जब अपनी मंजिल तक पहुंचना चाहता है तो उस के रास्ते में बहुत कठिनाइयां आती हैं और उन से उसे खुद ही निकलना पड़ता है.

Quotes by जॉन म्यूर

जब कोई व्यक्ति प्रकृति में किसी एक भी चीज के प्रति खिंचाव महसूस करता है, तब उसे पता चलता है कि वह चीज़ सारी दुनिया के साथ जुड़ी हुई है.

सुविचार 2117

“गरीबी इस बात का प्रमाण है कि आपका दिमाग बीमार है.”

गरीब माइंड सेट – “मैं कुछ नहीं कर सकता”
अमीर माइंड सेट – “मैं कुछ भी कर सकता हूं, कुछ करने के लिए मैं क्या-क्या संघर्ष कर सकता हूँ ?”
गरीब इनकार करता है कि अवसर मौजूद है,; _ अमीर देखता है कि उपलब्ध समय, संपत्ति और तरल धन से अवसर कैसे सृजित किए जाएं.

मस्त विचार 1991

अभी सूरज नहीं डूबा जरा सी शाम होने दो…

मैं खुद लौट जाऊंगा मुझे नाकाम तो होने दो…

मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढ़ता है जमाना….!

मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले मेरा नाम तो होने दो.

सुविचार 2116

स्वयं को कभी कमज़ोर साबित ना होने दें,

क्यूंकि डूबते देखकर लोग घर के दरवाजे बंद करने लगते हैं.

मस्त विचार 1990

अहम् से ऊँचा कोई आसमान नहीं.

किसी की बुराई करने जैसा आसान कोई काम नहीं.

“स्वयं” को पहचानने से अधिक कोई “ज्ञान” नहीं.

और “क्षमा” करने से बड़ा कोई “दान” नहीं.

लोग कहते है कि आदमी को अमीर होना चाहिए..

और हम कहते है कि आदमी का जमीर होना चाहिए..॥

सुविचार 2115

दुनिया में बड़ा बनना है तो छोटी- छोटी चीजों को इगनोर करना सीखें. हर घटना या हर व्यक्ति की बात पर रिएक्ट करने लग जायेंगे तो व्यक्ति अपना जीवन नहीं जी सकता.

किसी भी चीज का वजन, या किसी के अपशब्द को बोझ के रूप में ज्यादा दिन तक अपने मन पर रखने से इंसान कभी आगे नहीं बढ़ सकता है.

सुबह से शाम तक आप कैसे लोगों से एक्सपोज़ होते हैं, कैसे परिवेश में रहते हैं, यह बहुत मायने रखता है. हमारे अंदर जितना पोजेटिविटी का फ्यूल रहेगा, उतना हम आगे बढ़ते रहेंगे.

सुविचार 2114

अन्याय, अभाव और आलस्य अज्ञानता के कारण ही पैदा होते हैं, ज्ञान हो तो यह सारी चीजें मिटने लगती हैं.
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