Quotes by जॉन म्यूर
सुविचार 2117
मस्त विचार 1992
हमने तो आसमां को बस अपनी दास्ताँ सुनाई थी…
मस्त विचार 1991
मैं खुद लौट जाऊंगा मुझे नाकाम तो होने दो…
मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढ़ता है जमाना….!
मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले मेरा नाम तो होने दो.
सुविचार 2116
क्यूंकि डूबते देखकर लोग घर के दरवाजे बंद करने लगते हैं.
मस्त विचार 1990
किसी की बुराई करने जैसा आसान कोई काम नहीं.
“स्वयं” को पहचानने से अधिक कोई “ज्ञान” नहीं.
और “क्षमा” करने से बड़ा कोई “दान” नहीं.
लोग कहते है कि आदमी को अमीर होना चाहिए..
और हम कहते है कि आदमी का जमीर होना चाहिए..॥
सुविचार 2115
किसी भी चीज का वजन, या किसी के अपशब्द को बोझ के रूप में ज्यादा दिन तक अपने मन पर रखने से इंसान कभी आगे नहीं बढ़ सकता है.
सुबह से शाम तक आप कैसे लोगों से एक्सपोज़ होते हैं, कैसे परिवेश में रहते हैं, यह बहुत मायने रखता है. हमारे अंदर जितना पोजेटिविटी का फ्यूल रहेगा, उतना हम आगे बढ़ते रहेंगे.
सुविचार 2114
मस्त विचार 1989
दुसरो की उम्मीदों में उम्र गुजर जायेगी….




